दिल्ली के सत्य निकेतन में पुरानी बिल्डिंग के अचानक ढहने से हड़कंप मच गया. यह इमारत लड़कों के लिए पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही थी और इसमें निर्माण व रेनोवेशन का काम चल रहा था. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, हादसे वाली इमारत काफी पुरानी थी और उसमें निर्माण तथा मरम्मत का काम चल रहा था. इसी दौरान बेसमेंट में किसी तरह की खुदाई की जा रही थी. सीएम ने कहा कि खुदाई के कारण एक पिलर अपनी जगह से खिसक गया और इसके बाद पूरी इमारत भरभराकर नीचे आ गई. हादसे के वक्त बिल्डिंग में छात्र मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने बताया कि राहत टीमों ने अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है और मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश लगातार जारी है.
घटनास्थल पर पहुंचीं रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की जान बचाना है. उन्होंने बताया कि सभी संबंधित एजेंसियां मौके पर काम कर रही हैं और बचाव अभियान में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि हादसे की जिम्मेदारी तय की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जांच में बिल्डिंग मालिक या किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. सीएम ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
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#WATCH | Satya Niketan building collapse: Delhi CM Rekha Gupta says, "11 people have been rescued. I am going to the hospital. We need to understand the condition of all those who have been rescued. I can say this much: whoever is responsible for this, whether it is the building… https://t.co/V37kxAzCQN pic.twitter.com/ZlV1OH3i4K
— ANI (@ANI) September 6, 2026
हादसे के बाद घायलों और मलबे से निकाले गए लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया. AIIMS ट्रॉमा सेंटर के मुताबिक, कुल सात लोगों को वहां लाया गया था, जिनमें से दो को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. एक अन्य व्यक्ति को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया. मुख्यमंत्री ने भी अस्पताल जाने की बात कही, ताकि बचाए गए लोगों की हालत की जानकारी ली जा सके. हादसे के बाद प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की संभावना को खत्म करना है.
बिल्डिंग गिरने के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं. मलबे को हटाकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं कोई और व्यक्ति अंदर फंसा तो नहीं है. मुख्यमंत्री ने घटनास्थल पर अधिकारियों से राहत अभियान की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं और बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक मलबे की पूरी तरह जांच नहीं हो जाती. इसके साथ ही हादसे की जिम्मेदारी तय करने के लिए निर्माण और बेसमेंट में चल रहे काम की भी जांच की जाएगी.