Delhi AQI: राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है. शुक्रवार सुबह दिल्लीवासियों ने खराब हवा के साथ दिन की शुरुआत की. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, इंडिया गेट क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 249 दर्ज किया गया, जो कि 'खराब' श्रेणी में आता है.
यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब गर्मी धीरे-धीरे बढ़ रही है और हवा की गति कम हो रही है, जिससे प्रदूषक तत्व वातावरण में ज्यादा देर तक बने रहते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की गुणवत्ता में गिरावट का मुख्य कारण वाहन उत्सर्जन, निर्माण कार्य, सड़क की धूल और औद्योगिक गतिविधियां हैं.
AQI यानी Air Quality Index, हवा में मौजूद प्रदूषक कणों की मात्रा को मापने का एक मानक है. 201 से 300 के बीच AQI को 'खराब' श्रेणी में रखा जाता है. इस श्रेणी की हवा अस्थमा, फेफड़े और हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए हानिकारक मानी जाती है. साथ ही, स्वस्थ लोगों को भी लंबे समय तक इस हवा में रहने पर सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
हालांकि दिल्ली सरकार ने कई बार प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपाय किए हैं, जैसे 'ग्रीन जोन' बनाना, निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना, लेकिन फिर भी प्रदूषण का स्तर नियंत्रित करना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
#WATCH | Delhi woke up to bad-quality air, with an AQI of 249, categorised as 'poor', in the area around India Gate, according to the Central Pollution Control Board. pic.twitter.com/iaJiudKL99
— ANI (@ANI) May 16, 2025
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह-शाम unnecessary बाहरी गतिविधियों से बचें, विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग और सांस के मरीज. साथ ही, घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें और एयर प्यूरीफायर का सहारा लें.
दिल्ली की हवा में फिर से जहर घुलने लगा है, और यह एक बार फिर प्रदूषण नियंत्रण नीतियों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में प्रशासन इस चुनौती से कैसे निपटता है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की वायु गुणवत्ता 301 के वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ "बहुत खराब" श्रेणी में पहुंच गई.