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साइबर ठगों की कमर तोड़ रही दिल्ली पुलिस, 'ऑपरेशन साइहॉक 3.0' के तहत 955 अपराधी गिरफ्तार; 627 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा

दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन साइबरहॉक 3.0 के तहत 955 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया. इस ऑपरेशन से ₹627 करोड़ के साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ.

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Km Jaya

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने ऑपरेशन साइहॉक 3.0 के तहत दिल्ली और कई दूसरे राज्यों में छापेमारी करके 955 लोगों को गिरफ्तार कर साइबर अपराधियों को बड़ा झटका दिया है. यह तीसरा ऑपरेशन था, जो 5 और 6 फरवरी को 48 घंटे तक दिल्ली और 10 से ज्यादा राज्यों में चलाया गया.

ऑपरेशन के दौरान कुल 6552 संदिग्धों का पता लगाया गया, जिनमें से 1608 से ज्यादा लोगों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिए गए. 262 पुरानी FIR में आरोपी गिरफ्तार किए गए. इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान 299 नई FIR दर्ज की गईं. पुलिस को नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर उनके खिलाफ 3180 शिकायतें मिलीं, जिससे ₹627 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा हुआ.

पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?

ऑपरेशन की सफलता के बारे में पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा ने कहा कि यह साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे के खिलाफ पुलिस का एक व्यवस्थित और लगातार चलने वाला अभियान है. साइबर फ्रॉड कोई अलग-थलग अपराध नहीं है. यह एक संगठित इकोसिस्टम है. हर साइहॉक ऑपरेशन के साथ, हम रोकथाम को मजबूत कर रहे हैं और जनता का विश्वास बढ़ा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड एक बहुत ही संगठित, कई लेयर वाली और अंतर-राज्यीय आपराधिक गतिविधि बन गई है जो डिजिटल कमजोरियों, म्यूल बैंकिंग चैनलों और कमजोर नागरिकों का फायदा उठाती है. इस खतरे को पहचानते हुए दिल्ली पुलिस ने इन नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक रणनीतिक ढांचे के रूप में ऑपरेशन साइहॉक विकसित किया. 

जॉइंट कमिश्नर ने क्या दी जानकारी?

इंटेलिजेंस फ्यूजन और स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस यूनिट के जॉइंट कमिश्नर रजनीश गुप्ता ने बताया कि यह साइबर अपराधियों के खिलाफ एक केंद्रित अभियान था. यह पिछले चार महीनों में तीसरा बड़ा साइबर प्रवर्तन ऑपरेशन है, जो दिल्ली सहित 10 से ज्यादा राज्यों में एक साथ चलाया गया. इस ऑपरेशन के तहत पूर्व में असम और अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम में राजस्थान और गुजरात, उत्तर में हरियाणा और पंजाब और दक्षिण में केरल जैसे राज्यों में छापेमारी में 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हुए.

साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट ऑपरेटरों, डिजिटल फैसिलिटेटर और सिम कार्ड से जुड़े साथियों के खिलाफ कार्रवाई की गई. उनकी गिरफ्तारी से शेयर बाजार निवेश, नौकरी घोटाले, म्यूल बैंक खातों और अन्य ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े कई मामलों का खुलासा हुआ है.