दिल्ली-एनसीआर इन दिनों ठंडे थपेड़ों खा रहा है. कड़ाके की ठंड और चट्टानों सी तरह जमता कोहरा सुबह-शाम लोगों की रोशनी और सांस दोनों छीन रहा है. सड़कों पर विजिबिलिटी इतनी कम हो जाती है कि चालक धीमी रफ्तार से चलने को मजबूर हैं. ट्रेनें अपनी समय सारिणी से पीछे हैं और दैनिक यात्रियों की यात्रा कठिन होती जा रही है.
मौसम विभाग (IMD) ने इस कड़ाके की ठंड के बीच बारिश की चेतावनी भी जारी कर दी है. 1 से 3 जनवरी तक दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट घोषित है और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जल्द ही सीजन की पहला बारिश पड़ सकता है. यह बारिश न केवल ठंड को और बढ़ा सकती है बल्कि ‘फील लाइक’ टेम्परेचर को और नीचे धकेल सकती है.
आज दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस मौसम के हिसाब से कम है. हवाओं की तीव्रता, कोहरे और तापमान के गिरने के कारण शरीर को असल में इससे बहुत कम ताप महसूस हुआ. दिन में तापमान लगभग 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, परंतु इससे भी लोगों को राहत कम मिलेगी.
IMD ने 1 से 3 जनवरी तक येलो अलर्ट जारी किया है और मौसम विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि हल्की-मध्यम बारिश के साथ ठंड और बढ़ सकती है. अगले 48 घंटों में रात के तापमान में थोड़ी वृद्धि होगी, लेकिन उसके बाद पारा फिर तेजी से गिरने का अनुमान है. अधिकतम तापमान सामान्य से 3–5 डिग्री कम रहेगा.
घने कोहरे के कारण सुबह-शाम विजिबिलिटी काफी गिर गई है. इससे सड़क और रेल यातायात बाधित हो रहा है. कई गाड़ियाँ देरी से चल रही हैं और यात्रियों को अपने समय को ध्यान में रखकर निकलना पड़ रहा है.
ठंड का बढ़ना और कोहरे के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 373 पर पहुंच गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है. इससे सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं. बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधान रहने की सलाह दी गई है.