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कोर्ट से क्लीन चिट के बाद केजरीवाल का शक्ति प्रदर्शन, जंतर-मंतर में आज करेंगे जनसभा

राउज एवेन्यू कोर्ट से आबकारी नीति मामले में बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल आज जंतर-मंतर पर जनसभा करेंगे. उन्होंने खुद को  'कट्टर ईमानदार' बताया और इसे सच्चाई की जीत कहा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
कोर्ट से क्लीन चिट के बाद केजरीवाल का शक्ति प्रदर्शन, जंतर-मंतर में आज करेंगे जनसभा
Courtesy: ani

दिल्ली की राजनीति में आज का दिन अहम माना जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार, 1 मार्च 2026 को जंतर-मंतर पर एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. आबकारी नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी किए जाने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है. आम आदमी पार्टी इस फैसले को न्याय की जीत बता रही है और इसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में पेश कर रही है.

कोर्ट का फैसला और सियासी असर

राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे 'पूर्व नियोजित' बताया. इसी फैसले के बाद केजरीवाल और अन्य आरोपियों को राहत मिली है. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह निर्णय उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार साबित करता है. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इस फैसले का असर आगामी चुनावी रणनीतियों पर भी पड़ सकता है.

जंतर-मंतर पर शक्ति प्रदर्शन

जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक आंदोलनों का केंद्र रहा है. रविवार सुबह 11 बजे यहां होने वाली सभा को आम आदमी पार्टी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है. पार्टी का दावा है कि देशभर से नेता और कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में शामिल होंगे. दिल्ली, पंजाब, गुजरात और गोवा के नेताओं की मौजूदगी इसे राष्ट्रीय रंग दे सकती है.

'मैं हूं कट्टर ईमानदार'

कोर्ट परिसर से बाहर निकलते ही अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'मैं कट्टर ईमानदार हूं, मेरी ईमानदारी ही मेरी पूंजी है.' उनका यह बयान समर्थकों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बना. पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ कानूनी जीत नहीं, बल्कि नैतिक विजय भी है. सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को व्यापक समर्थन मिला है.

पार्टी की रणनीति और संदेश

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सभा को ऐतिहासिक बताया है. उनका कहना है कि यह कार्यक्रम सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि एक संदेश होगा. पार्टी इसे पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे से जोड़कर पेश कर रही है. नेताओं का मानना है कि इस मंच से उठी आवाज दिल्ली से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचेगी.

क्या है आगे का रास्ता

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह रैली आम आदमी पार्टी के लिए नई शुरुआत का संकेत हो सकती है. कानूनी राहत के बाद अब पार्टी संगठन को मजबूत करने और जनसमर्थन बढ़ाने की कोशिश करेगी. जंतर-मंतर की सभा से यह साफ होगा कि जनता इस फैसले को किस नजर से देख रही है और आने वाले दिनों में दिल्ली की राजनीति किस दिशा में बढ़ेगी.