33 साल बाद बदली जंतर-मंतर की तस्वीर, हटे बैरिकेड्स; अब फर्राटा भरेंगे वाहन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 33 साल बाद बड़ा बदलाव हुआ है. दिल्ली पुलिस ने यहां से बैरिकेडिंग और सुरक्षा का पुराना घेरा हटाना शुरू कर दिया है.
Delhi Jantar-Mantar Open: दिल्ली का जंतर-मंतर अब अपनी पुरानी पहचान से अलग नजर आने वाला है. जिस जगह पर तीन दशक से ज्यादा समय तक सरकार के खिलाफ आवाज उठती रही, वहां अब आम लोगों और वाहनों की आवाजाही सामान्य की जा रही है. दिल्ली पुलिस ने यहां लगी कई स्तर की बैरिकेडिंग हटानी शुरू कर दी है. सुरक्षा का पुराना घेरा भी खत्म किया जा रहा है. इससे आसपास से गुजरने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
साल 1993 में जंतर-मंतर को प्रमुख धरना स्थल के रूप में अधिसूचित किया गया था. इसके बाद से यह देशभर के आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का बड़ा केंद्र बना रहा.
अब बिना बैरिकेडिंग के गुजर सकेंगे वाहन
जंतर-मंतर पर लंबे समय से सड़क के दोनों ओर कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए जाते थे. यहां सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण सामान्य आवाजाही प्रभावित रहती थी. अब दिल्ली पुलिस ने इन अवरोधों को हटाना शुरू कर दिया है. सड़क को आम लोगों और वाहन चालकों के लिए खोला जा रहा है. इससे जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में आने-जाने वालों को पहले के मुकाबले आसानी हो सकती है.
Also Read
1993 से आंदोलनों की आवाज बना रहा जंतर-मंतर
जंतर-मंतर सिर्फ एक ऐतिहासिक जगह नहीं, बल्कि देश के कई बड़े आंदोलनों का गवाह भी रहा है. 1993 में इसे धरना स्थल का दर्जा मिलने के बाद किसानों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने यहां अपनी मांगें उठाईं. कभी छोटे समूहों ने विरोध दर्ज कराया, तो कभी बड़ी संख्या में लोग जुटे. दिल्ली के केंद्र में स्थित होने के कारण यह जगह लंबे समय तक अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का अहम माध्यम बनी रही.
अक्टूबर में प्रदर्शन को लेकर हुआ था विवाद
हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी यहां प्रदर्शन हुए थे. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने की कोशिश की थी. अक्टूबर में प्रदर्शन की अनुमति और जंतर-मंतर तक पहुंचने को लेकर पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी. 10 अक्टूबर के आसपास दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई थी.
अब इन तीन जगहों पर कर सकेंगे प्रदर्शन
11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक धरना स्थलों की सूची से हटा दिया. इसके स्थान पर तीन वैकल्पिक जगहें निर्धारित की गई हैं. इनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तर दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं. अब प्रदर्शन करने वाले संगठनों को इन निर्धारित स्थानों पर अनुमति के लिए आवेदन करना होगा. गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया गया.
पैरामिलिट्री फोर्स और सुरक्षा घेरा भी हटाया जा रहा
जंतर-मंतर पर पहले प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कई स्तर बनाए जाते थे. यहां पैरामिलिट्री फोर्स, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और एंटी-राइट वाहन तैनात रहते थे. प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के बीच बैरिकेडिंग लगाई जाती थी. अब धरना स्थल का दर्जा खत्म होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है. बैरिकेडिंग हटाने के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती भी कम की जा रही है.