IPL 2026 US Israel Iran War Weather IMD

दिल्ली में फरवरी में फाइव स्टार होटल में नहीं मिल रहे कमरे, लाखों तक पहुंची कीमतें, वेलेंटाइन वीक नहीं ये है इसके पीछे की वजह

दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट से पहले पांच सितारा होटलों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं. अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल, सुरक्षा जरूरतें और सीमित लग्जरी कमरों की वजह से किराए लाखों में पहुंच गए.

social media
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह राजनीति या खेल नहीं, बल्कि होटल के कमरे हैं. फरवरी में होने वाली इंडिया AI इम्पैक्ट समिट से पहले राजधानी के पांच सितारा होटलों में अभूतपूर्व बुकिंग उछाल देखा जा रहा है. टेक दिग्गजों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और कड़े सुरक्षा इंतजामों के चलते कमरे इतने महंगे हो गए हैं कि उनके दाम लग्जरी कारों की कीमत से मुकाबला करने लगे हैं.

क्यों अचानक बढ़े होटल के दाम

AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक साथ सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय मेहमान दिल्ली पहुंच रहे हैं. इनमें टेक कंपनियों के प्रमुख, राजनयिक, मंत्री और वैश्विक मीडिया टीमें शामिल हैं. होटल इंडस्ट्री के अनुसार, इस तरह की प्रोफाइल आमतौर पर केवल G20 या बड़े अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों में देखने को मिलती है, जिससे मांग अचानक कई गुना बढ़ गई.

लाखों में पहुंचा एक रात का किराया

दिल्ली के कुछ प्रमुख पांच सितारा होटलों में सामान्य दिनों में 20 से 40 हजार रुपये में मिलने वाले कमरे अब लाखों में बुक हो रहे हैं. ताज पैलेस जैसे होटलों में समिट के दौरान स्वीट्स का किराया टैक्स मिलाकर 30 लाख रुपये से ऊपर पहुंच गया है. अन्य लग्जरी होटलों में भी किराए तीन से पांच गुना तक बढ़ चुके हैं.

सुरक्षा और सीमित विकल्प बनी बड़ी वजह

होटल संचालकों का कहना है कि केवल भीड़ ही नहीं, बल्कि सुरक्षा आवश्यकताएं भी कीमत बढ़ने की बड़ी वजह हैं. कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल नियंत्रित प्रवेश और उच्च सुरक्षा वाले होटलों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं. वहीं, सेंट्रल दिल्ली में लग्जरी कमरों की संख्या सीमित है, जिससे आखिरी समय में बुकिंग करने वालों को बेहद महंगे विकल्प ही मिल रहे हैं.

होटल इंडस्ट्री के लिए छोटा लेकिन बड़ा मौका

हालांकि यह कीमतों का उछाल कुछ ही दिनों का है, लेकिन इससे दिल्ली के होटल कारोबार को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है. इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी सम्मेलन आमतौर पर इतनी कमाई नहीं कराते, लेकिन इस बार समिट का स्तर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक आयोजनों जैसा है. नतीजतन, राजधानी की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए यह एक असाधारण कमाई का दौर बन गया है.