नई दिल्ली: दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से शनिवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. बाथरूम में लगे इलेक्ट्रिक गीजर के अचानक फटने से हजरत निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादा नशीन सैयद मोहम्मद निजामी की मौत हो गई. यह हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. गीजर फटने के बाद घर में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा मकान धुएं से भर गया. इसी धुएं के कारण दम घुटने से मोहम्मद निजामी की मौके पर ही हालत बिगड़ गई.
पुलिस के अनुसार यह घटना बस्ती हजरत निजामुद्दीन स्थित मकान नंबर 134 135 की पहली मंजिल पर हुई. सैयद मोहम्मद निजामी अपने परिवार के साथ इसी मकान में रहते थे. शनिवार को दरगाह में हजरत बीबी फातिमा का उर्स था. पूरा दिन धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद शाम करीब पांच बजे मोहम्मद निजामी घर लौटे. घर पहुंचने के बाद वह नहाने के लिए बाथरूम में गए. इसी दौरान अचानक वहां लगा गीजर तेज आवाज के साथ फट गया.
गीजर फटते ही बाथरूम में आग लग गई और देखते ही देखते धुआं पूरे घर में फैल गया. बाथरूम के अंदर मौजूद मोहम्मद निजामी धुएं के कारण बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके. वहीं घर के दूसरे हिस्से में मौजूद उनकी पत्नी अर्जुमन उर्फ फिदा निजामी भी धुएं की चपेट में आ गईं और बेहोश हो गईं. घर में उनकी मां और बेटा भी मौजूद थे, जो धुएं के कारण फंस गए.
जब पड़ोसियों ने घर से धुआं निकलते देखा तो तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी. मौके पर दमकल की दो गाड़ियां पहुंची. हालांकि रेस्क्यू में काफी दिक्कत आई. बताया गया कि मकान का मेन गेट अंदर से बंद था और लोहे के दोनों गेट पर ताला लगा हुआ था. इसी वजह से दमकलकर्मियों को अंदर पहुंचने में समय लग गया.
दमकलकर्मियों और पुलिस ने पिछले दरवाजे से किसी तरह घर में एंट्री की. सबसे पहले मोहम्मद निजामी की मां, पत्नी और बेटे को बाहर निकाला गया. इसके बाद लोहे के मेन गेट का लॉक काटकर बाथरूम तक पहुंचा गया. मोहम्मद निजामी को बाहर निकालकर तुरंत मूलचंद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पत्नी को प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि गीजर फटने के बाद लगी आग और धुएं की वजह से यह हादसा हुआ. रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. सज्जादा नशीन के निधन की खबर फैलते ही निजामुद्दीन इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. रविवार को दरगाह और आसपास के इलाकों में हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे.