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दिल्ली में प्रॉपर्टी का बनेगा 'आधार कार्ड', Land Record Bill से खत्म होंगे जमीन के विवाद!

दिल्ली सरकार नया Land Record Bill लाने जा रही है. इसके तहत हर संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड और ओनरशिप कार्ड बनेगा, जिससे फर्जीवाड़ा रुकेगा, विवाद घटेंगे और पारदर्शिता बढ़ेगी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
दिल्ली में प्रॉपर्टी का बनेगा 'आधार कार्ड', Land Record Bill से खत्म होंगे जमीन के विवाद!
Courtesy: pinterest

दिल्ली सरकार राजधानी की भूमि व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही Delhi Land Record Bill पेश करने की तैयारी में है. इस विधेयक के लागू होने के बाद दिल्ली की हर संपत्ति का एक विशिष्ट डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. इसे आम बोलचाल में 'प्रॉपर्टी का आधार कार्ड' कहा जा रहा है. सरकार का उद्देश्य जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल बनाकर मालिकाना हक को स्पष्ट करना और प्रॉपर्टी से जुड़े विवादों को कम करना है.

 हर संपत्ति की होगी डिजिटल मैपिंग

नई व्यवस्था के तहत दिल्ली की सीमा में आने वाली कृषि, आवासीय और व्यावसायिक सभी प्रकार की जमीन का डिजिटल डेटा तैयार किया जाएगा. इसके लिए ड्रोन सर्वे जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि हर भूखंड की सटीक सीमा निर्धारित की जा सके. इस व्यापक सर्वेक्षण में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का भी सहयोग लिया जा रहा है. सरकार का मानना है कि डिजिटल मैपिंग से भविष्य में रिकॉर्ड से जुड़ी गड़बड़ियों की संभावना काफी कम होगी.

30 गांवों से होगी योजना की शुरुआत

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पहला चरण दिल्ली के 30 ग्रामीण गांवों से शुरू होगा. यहां जमीन और मकानों के सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में तैयार किए जाएंगे. इसके बाद संबंधित संपत्ति मालिकों को आधिकारिक 'स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड' जारी किए जाएंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद इसे राजधानी के अन्य शहरी और अनधिकृत क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा. इस दिशा में ग्राम प्रतिनिधियों से सुझाव लेने और प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं.

फर्जीवाड़े और कानूनी विवादों पर लगेगी रोक

दिल्ली में लंबे समय से एक ही संपत्ति की कई बार बिक्री, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन की सीमाओं को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं. सरकार का दावा है कि डिजिटल रिकॉर्ड और यूनिक प्रॉपर्टी पहचान बनने के बाद ऐसी धोखाधड़ी पर काफी हद तक रोक लगेगी. साथ ही अदालतों में वर्षों से लंबित कई भूमि विवादों के समाधान में भी यह व्यवस्था मददगार साबित हो सकती है.

लोन और निवेश होगा आसान

स्वामित्व प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद जमीन मालिकों के लिए बैंक से ऋण लेना भी पहले की तुलना में आसान होगा, क्योंकि उनके पास संपत्ति का प्रमाणित डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दिल्ली के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ निवेशकों का भरोसा भी मजबूत करेगा. यदि यह योजना सफल रहती है, तो राजधानी में भूमि प्रबंधन की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और तकनीक आधारित बन सकती है.