नई दिल्ली: नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ गया है. इस बीच सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जवानों को भरोसा दिलाया है कि वे बेखौफ होकर ड्यूटी करें. उन्होंने कहा कि जो भी फैसला ड्यूटी के दौरान लिया जाएगा, उसकी पूरी जिम्मेदारी वह खुद लेंगे.
सीआरपीएफ इन्वेस्टिचर समारोह में बोलते हुए सिंह ने कहा, “मैं सीआरपीएफ के महानिदेशक के रूप में हर एक जवान को आश्वासन देता हूं कि चाहे ऑपरेशनल बटालियन हो या कानून-व्यवस्था की ड्यूटी, आप जो भी सही इरादे से फैसला लेंगे या कार्रवाई करेंगे, उसकी जिम्मेदारी मैं लूंगा.” उन्होंने जवानों से कहा, “बेखौफ होकर ड्यूटी करते रहो. जहां भी जिम्मेदारी लेनी पड़े, मैं महानिदेशक के रूप में लूंगा.”
#WATCH | At CRPF investiture ceremony, CRPF Director General Gyanedra Pratap Singh said, "As the Director General of the CRPF, I want to assure each one of you that whether it is an operational battalion or a law-and-order unit, whatever decisions you take and whatever actions… pic.twitter.com/LPhiTPaXWE
— ANI (@ANI) July 29, 2026Also Read
सीआरपीएफ चीफ ने बताया कि रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की प्रोफेशनल पोस्ट-इवेंट असेसमेंट (पेशेवर समीक्षा) की जाएगी. उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म हो चुका है और लोग तितर-बितर हो गए हैं, इसलिए अब पूरी घटना की जांच की जाएगी.
20 जुलाई को जंतर मंतर से संसद की ओर 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई थी. इस पर विपक्ष ने पुलिस और RAF पर आरोप लगाए हैं. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दावा किया था कि उन्होंने पेलेट घाव देखे हैं और पुलिस ने इलेक्ट्रिक बैटन लाठी का इस्तेमाल किया.