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दिल्ली सरकार ने जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी केस किए बंद, लेकिन लगा दी ये शर्त

दिल्ली सरकार ने NEET परीक्षा विरोध प्रदर्शन से जुड़े 13 मामलों में आगे कानूनी कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है. हालांकि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को इस राहत से बाहर रखा गया है.

@_YogendraYadav
Sagar Bhardwaj

दिल्ली सरकार ने NEET (UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े लोगों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है. सरकार ने घोषणा की है कि इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अब कोई नई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी. यह निर्णय दिल्ली सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के बाद सामने आया. सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया से राहत देना है.

13 मामलों में आगे नहीं बढ़ेगी कार्रवाई

गृह विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने कुल 13 मामले दर्ज किए थे. अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे कोई प्रतिकूल कदम नहीं उठाया जाएगा. जिन मामलों में पुलिस कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें भी इस निर्णय के दायरे में लाते हुए आगे की प्रक्रिया को बंद करने का निर्देश दिया गया है. सरकार ने इन मामलों को भविष्य की किसी अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई के बिना समाप्त मानने की बात कही है.

आपराधिक पृष्ठभूमि वालों को नहीं मिलेगी छूट

दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि यह राहत सभी प्रदर्शनकारियों पर समान रूप से लागू नहीं होगी. जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड है या जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें इस फैसले का लाभ नहीं मिलेगा. सरकार ने कहा कि यह प्रावधान सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप रखा गया है. यानी केवल ऐसे प्रदर्शनकारी, जिनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, उन्हें ही इस विशेष राहत का लाभ मिलेगा.


गिरफ्तार लोगों की जल्द होगी समीक्षा

सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन मामलों में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया था, उनकी रिहाई से संबंधित प्रक्रिया की जल्द समीक्षा की जाए. संबंधित पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी करने को कहा गया है. इससे उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो केवल विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे थे.

उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी हुआ आदेश

दिल्ली सरकार ने बताया कि यह निर्णय उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू किया गया है. सरकार का कहना है कि इस कदम से शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है. हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने या आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी.