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दम घोंटती हवा के बीच दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, मजदूरों को राहत; सभी कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

दिल्ली में खतरनाक स्तर पर पहुंचे वायु प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने दो अहम फैसले लिए हैं. निर्माण कार्य बंद होने से प्रभावित पंजीकृत मजदूरों को ₹10,000 की सीधी सहायता दी जाएगी.

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Edited By: Reepu Kumari
दम घोंटती हवा के बीच दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, मजदूरों को राहत; सभी कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली इस समय गंभीर वायु प्रदूषण के दौर से गुजर रही है. हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ने से आम लोगों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है. हालात की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए कामकाज और मजदूरों से जुड़े अहम फैसले किए हैं, ताकि प्रदूषण का असर कम किया जा सके और प्रभावित लोगों को राहत मिल सके.

15 दिसंबर को दिल्ली में इस सीजन का सबसे खराब AQI दर्ज किया गया, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी. हालात को काबू में लाने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं. सरकार का कहना है कि ये फैसले अस्थायी हैं, लेकिन लोगों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन्हें सख्ती से लागू किया जाएगा.

खराब हवा का असर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 15 दिसंबर की सुबह दिल्ली का AQI 498 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर से भी अधिक’ श्रेणी में आता है. लगातार गिरती वायु गुणवत्ता ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए खतरा बढ़ा दिया है. इसी स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेड IV के सबसे कड़े प्रतिबंध तत्काल लागू कर दिए हैं.

ग्रेड IV लागू

ग्रेड IV लागू होने के बाद राजधानी में सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगा दी गई है. इससे हजारों निर्माण मजदूरों का रोजगार प्रभावित हुआ है. सरकार ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया है कि सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों को ₹10,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी.

मजदूरों को सहायता 

दिल्ली सरकार का कहना है कि यह सहायता उन मजदूरों के लिए है, जो प्रदूषण नियंत्रण उपायों के कारण फिलहाल काम नहीं कर पा रहे हैं. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए दी जाने वाली इस राशि का उद्देश्य मजदूरों को दैनिक खर्चों में मदद देना है, ताकि काम बंद होने के बावजूद उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ न बढ़े.

कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम

इसके साथ ही सरकार ने सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम को अनिवार्य कर दिया है. स्वास्थ्य, आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को इस आदेश से छूट दी गई है. सरकार ने साफ किया है कि निर्देशों का पालन न करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा.

सरकार ने इसलिए लिया बड़ा फैसला

सरकार का मानना है कि दफ्तरों में उपस्थिति कम होने से सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी और प्रदूषण के स्तर को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा. प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें. हालात सामान्य होने तक सख्ती जारी रहने के संकेत दिए गए हैं.

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