नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में रविवार की सुबह एक हृदयविदारक हादसा हुआ. यहां शाहदरा जिले की एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग ने नौ मासूम जिंदगियों को हमेशा के लिए शांत कर दिया. मृतकों में डेढ़ साल का एक बच्चा भी शामिल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए इसे अत्यंत व्यथित करने वाला बताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए की है.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि दिल्ली के शाहदरा जिले में हुई यह क्षति अत्यंत व्यथित करने वाली है. उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं. पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. यह सहायता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रदान की जाएगी. स्थानीय प्रशासन अब इस भीषण हादसे के कारणों की जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
यह दर्दनाक हादसा रविवार तड़के उस समय हुआ जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे. पुलिस के मुताबिक, विवेक विहार थाने को तड़के 3:48 बजे पीसीआर कॉल मिली थी. इससे ठीक एक मिनट पहले अग्निशमन सेवा को भी सूचित कर दिया गया था. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर रवाना हुईं. सुबह 5:00 बजे तक अग्निशमन विभाग ने 14 दमकल गाड़ियों को तैनात कर दिया था, लेकिन घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गई.
शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि इमारत की बनावट की वजह से दमकलकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस चार मंजिला रिहायशी इमारत के अगले और पिछले, दोनों हिस्सों में फ्लैट बने हुए थे. इससे बचाव दल के लिए इमारत के अंदरूनी और पिछले हिस्सों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था. आग की भीषण लपटों और धुएं के गुबार के कारण दमकलकर्मी बड़ी मुश्किल से इमारत के पीछे के हिस्से तक अपनी पानी की पाइप और सीढ़ियां पहुंचा पाए.
हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि इसमें डेढ़ साल के एक नन्हे बच्चे ने भी दम तोड़ दिया. बचाव कार्य के दौरान उस मासूम का शव दूसरी मंजिल के पिछले हिस्से से बरामद किया गया. उसी जगह पर चार अन्य लोग भी मृत अवस्था में पाए गए. आग इतनी भयावह थी कि दूसरी मंजिल पर फंसे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. धुएं के कारण दम घुटने से कई लोग बेसुध हो गए और बाहर नहीं निकल सके, जिससे यह बड़ा नुकसान हुआ.
आग बुझाने का अभियान कई घंटों तक लगातार चलता रहा. दमकल कर्मियों ने कड़ी मेहनत से आग को आसपास की अन्य इमारतों में फैलने से रोका. सुबह करीब 8:00 बजे जब लपटों को पूरी तरह शांत कर दिया गया, तब जाकर इमारत के भीतर व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू हो सका. मलबे और धुएं के बीच राहत दल ने एक-एक कमरे की गहन तलाशी ली. आग बुझने के बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान ही मृतकों की सटीक संख्या और उनकी पहचान के बारे में पुख्ता जानकारी मिल सकी.