नई दिल्ली: दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है और राजधानी की सांसें लगातार भारी होती जा रही हैं. ठंड शुरू होते ही स्मॉग की चादर और धीमी गति की हवाओं ने प्रदूषण को और बढ़ा दिया है. शुक्रवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 373 दर्ज हुआ जो लगातार सातवें दिन बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है.
पिछले तीन दिनों का रिकॉर्ड देखें तो दिल्ली में हवा लगातार खराब होती दिख रही है. सोमवार को AQI 351 था, मंगलवार को 374, बुधवार को 392 और गुरुवार को 391 दर्ज किया गया था. शुक्रवार को मामूली गिरावट के बावजूद हालात अब भी डराने वाले हैं क्योंकि कई इलाकों में AQI 400 के पार चला गया है.
CPCB के अनुसार दिल्ली के 39 स्टेशनों में से 18 स्टेशन गंभीर श्रेणी में हैं. वजीरपुर में AQI 442, बवाना में 430, रोहिणी में 421, आनंद विहार में 412, अशोक विहार में 412 और विवेक विहार में 413 दर्ज किया गया है. इसके अलावा चांदनी चौक, नरेला, आरके पुरम और नेहरू नगर जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच चुका है. कुछ स्थानों जैसे लोदी रोड में AQI 286 और आईएचबीएएस दिलशाद गार्डन में 255 दर्ज किया गया है.
दिल्ली की हवा बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह वाहनों का धुआं बताया जा रहा है. गुरुवार को कुल प्रदूषण में 17.3 प्रतिशत योगदान वाहनों से आया जबकि शुक्रवार को यह लगभग 16.2 प्रतिशत रहा. पराली जलाने का असर भी जारी है.
इसके अलावा मौसम की स्थिति भी प्रदूषण को और बिगाड़ रही है. ठंड बढ़ने और हवा की गति कम होने से प्रदूषक कण जमीन के पास ही जमा हो जाते हैं. IMD ने शुक्रवार को हल्का कोहरा रहने का अनुमान जारी किया है. न्यूनतम तापमान 12 डिग्री और अधिकतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है. इसी कारण प्रदूषण का असर अगले दिनों में और भी गहरा सकता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बेहद खराब हवा में लंबे समय तक रहने से सांस की बीमारियां, अस्थमा, खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं. बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनना जरूरी बताया गया है. बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है.