दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में खुले गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय बाइकर कमल ध्यानी की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है. इस मामले में अब एक और गिरफ्तारी हुई है.
पुलिस ने रविवार को एक मजदूर को गिरफ्तार किया है, जो दिल्ली जल बोर्ड के सीवर प्रोजेक्ट से जुड़े एक सब-कॉन्ट्रैक्टर के यहां काम करता था. मजदूर पर आरोप है कि उसे हादसे की जानकारी होने के बावजूद उसने यह बात न तो पुलिस को बताई और न ही पीड़ित परिवार को सच्चाई से अवगत कराया.
पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त शरद भास्कर ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए मजदूर की पहचान 23 वर्षीय योगेश के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, हादसे के समय योगेश मौके पर मौजूद था और उन शुरुआती लोगों में शामिल था, जिन्हें पता चला था कि एक युवक मोटरसाइकिल समेत लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गया है. यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवर लाइन के काम के लिए खोदा गया था.
डीसीपी ने बताया कि योगेश ने रात के समय इस हादसे की जानकारी सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति को दी थी. इसके बावजूद न तो योगेश और न ही राजेश ने पुलिस या किसी आपातकालीन सेवा को सूचना दी. यही नहीं, जब उसी रात कमल ध्यानी के परिजन उसकी तलाश करते हुए घटनास्थल पर पहुंचे, तो योगेश ने उन्हें गुमराह कर दिया और हादसे के बारे में कुछ भी नहीं बताया. इसके बाद वह वहां से फरार हो गया.
यह गिरफ्तारी सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति की गिरफ्तारी के ठीक एक दिन बाद हुई है. राजेश को भी इस मामले में इसलिए गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उसे हादसे की जानकारी कई घंटे पहले मिल चुकी थी, लेकिन उसने भी पुलिस को सूचित नहीं किया. राजेश प्रजापति को द्वारका कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उसकी तीन दिन की हिरासत की मांग की थी. हालांकि, ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उसे केवल एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा.
जांच के दौरान पुलिस को कॉल डिटेल रिकॉर्ड से अहम जानकारी मिली है. रिकॉर्ड के मुताबिक, योगेश ने रात करीब 12 बजकर 22 मिनट पर राजेश प्रजापति को फोन किया था. इसके लगभग 15 मिनट बाद राजेश मौके पर पहुंच गया था. इसके बावजूद पुलिस को इस गंभीर हादसे की जानकारी अगली सुबह करीब 8 बजे मिली. तब तक कमल ध्यानी की मौत हो चुकी थी.
पुलिस पहले ही यह बता चुकी है कि एक सिक्योरिटी गार्ड के अलर्ट करने के बाद योगेश ने गड्ढे के अंदर झांका था. उस समय उसने गड्ढे में मोटरसाइकिल, जलती हुई हेडलाइट और एक व्यक्ति को पड़ा हुआ देखा था. इसके बावजूद समय पर मदद न मिलने और सूचना न देने के कारण युवक की जान चली गई. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस लापरवाही में और कौन-कौन जिम्मेदार है.