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India Daily

'युवाओं को देशद्रोही कहना बंद करे केंद्र सरकार', 'कॉक्रोचों' को मिला केजरीवाल का साथ

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'कॉकरोच आंदोलन' का खुला समर्थन किया है. उन्होंने युवाओं के गुस्से को जायज ठहराते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की.

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'युवाओं को देशद्रोही कहना बंद करे केंद्र सरकार', 'कॉक्रोचों' को मिला केजरीवाल का साथ
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: देशभर में तेजी से चर्चा का विषय बने 'कॉकरोच आंदोलन' ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने साफ कहा कि यह आंदोलन कोई सामान्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के नौजवानों के भीतर पनप रहे गहरे असंतोष और निराशा का परिणाम है. केजरीवाल ने सरकार को चेतावनी दी कि युवाओं की इस जायज आवाज को दबाने की कोशिशें बंद होनी चाहिए.

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत बयान जारी कर केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि सरकार को इस छात्र आंदोलन को राष्ट्रविरोधी बताने के बजाय उनकी बुनियादी मांगों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए. केजरीवाल ने देश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की घटनाओं का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री से मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए क्योंकि वे युवाओं का भरोसा खो चुके हैं.

जंतर-मंतर पर एकजुट हुआ समूचा विपक्ष

शनिवार को नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन को देश के कई बड़े विपक्षी दलों का भारी समर्थन मिला. नीट, सीयूईटी और विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों और पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों छात्रों, अभ्यर्थियों और उनके चिंतित अभिभावकों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विपक्षी दिग्गजों ने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए केंद्र पर दबाव बढ़ा दिया है.

अखिलेश और उद्धव ने केंद्र को घेरा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस जन-आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं की यह गूंज 'गुरूरमंद हुक्मरानों' के सिंहासन को हिलाकर रख देगी. उन्होंने इसे नए इंकलाब की दस्तक बताया. वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी दिल्ली की भीषण गर्मी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के दर्द को साझा किया. उन्होंने कहा कि नीट जैसी परीक्षाओं में हुई बड़ी गड़बड़ियों ने देश के लाखों होनहार बच्चों के सुनहरे भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है.

आंदोलन पर विपक्षी एकजुटता और कांग्रेस में रार

इस बड़े छात्र प्रदर्शन ने जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी, सपा, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के रोहित पवार को एक मंच पर ला दिया, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के भीतर इसे लेकर विरोधाभास दिखाई दिया. कांग्रेस के कुछ अंदरूनी नेताओं ने इसे महज एक दिखावटी अभियान बताया, जबकि पार्टी का आधिकारिक मंच छात्रों के हक में लड़ने की बात कह रहा है. बहरहाल, सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह युवाओं का डिजिटल अभियान अब एक बड़े जमीनी आंदोलन का रूप ले चुका है.