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Ambedkar Jayanti 2025: दिल्ली में 15 दिवसीय अंबेडकर जयंती समारोह का ऐलान, स्कूलों में बच्चों को किया जाएगा जागरूक

Ambedkar Jayanti 2025: दिल्ली में अंबेडकर जयंती के मौके पर एक वॉकथॉन का आयोजन किया गया. मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में 15 दिन तक अंबेडकर जयंती समारोह मनाने की योजना भी बनाई.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
Ambedkar Jayanti 2025: दिल्ली में 15 दिवसीय अंबेडकर जयंती समारोह का ऐलान, स्कूलों में बच्चों को किया जाएगा जागरूक
Courtesy: Social Media

Ambedkar Jayanti 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को ऐलान किया कि राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर 15 दिवसीय विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा. इस दौरान स्कूलों में अंबेडकर के जीवन, विचारों और संघर्षों पर आधारित विशेष सभाएं होंगी.

अंबेडकर की शिक्षाएं बनेंगी प्रेरणा का स्रोत

बता दें कि दिल्ली विधानसभा में 134वीं अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में सीएम गुप्ता ने कहा, ''अब दिल्ली के सभी स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्रों को बाबासाहेब अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान के बारे में जानकारी दी जा सके. दिल्ली सरकार जमीनी स्तर पर समानता, शिक्षा और स्वास्थ्य अधिकारों को लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.'' वहीं मुख्यमंत्री ने डॉ. अंबेडकर की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद भी दिया.

स्कूलों में जागरूकता अभियान चलेंगे

गुप्ता ने आगे कहा, ''अंबेडकर जयंती को केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि 15 दिनों तक चलने वाला एक व्यापक अभियान बनाया जाएगा. स्कूलों में विशेष सभाओं के साथ-साथ छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य सामाजिक समावेश, समानता और न्याय को बढ़ावा देना होगा.''

'वॉकथॉन' से मिला बड़ा संदेश

सीएम ने सरकार द्वारा आयोजित 'वॉकथॉन' को भी झंडी दिखाकर रवाना किया. समाज कल्याण मंत्री रविंदर राज सिंह और शिक्षा मंत्री आशीष सूद भी इस अवसर पर मौजूद रहे. उन्होंने कहा, ''वॉकथॉन सिर्फ एक प्रतीकात्मक मार्च नहीं है, बल्कि बाबासाहेब के न्याय, समानता और अधिकार के संदेश को हर नागरिक तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है.''

राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठने की अपील

इसके अलावा आगे सीएम ने कहा, ''बाबासाहेब सभी भारतीयों के लिए खड़े थे, न कि केवल एक समुदाय के लिए. हमें उनके दृष्टिकोण को अपनाकर एक समरस और उन्नत भारत बनाना है.''