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सुरक्षा बलों ने सुकमा के जंगलों में नक्सली हथियार फैक्ट्री की ध्वस्त, वीडियो में देखें खतरनाक आर्म्स और विस्फोटक

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. सुकमा के गोमागुड़ा जंगल में छिपी नक्सलियों की अवैध हथियार फैक्ट्री को ध्वस्त किया गया है. यहां से 17 राइफलें, हथियारों के पुर्जे और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई.

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Edited By: Princy Sharma
Sukma India Daily
Courtesy: X @ians_india Screengrab

सुकमा: नक्सल विरोधी अभियानों में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा में गोमागुड़ा के जंगलों में छिपी एक गुप्त नक्सली आयुध (हथियार बनाने वाली) फैक्ट्री को नष्ट कर दिया है. इस अभियान के दौरान, टीम ने 17 पूरी तरह से काम करने वाली राइफलें, बड़ी मात्रा में हथियारों के पुर्जे और विस्फोटक बनाने की सामग्री बरामद की. 

अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और इलाके में दहशत फैलाने के लिए बंदूकें और विस्फोटक बनाने के लिए यह अवैध फैक्ट्री स्थापित की थी. एक विशिष्ट खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए, सुकमा जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम ने 3 नवंबर को एक तलाशी अभियान शुरू किया और फैक्ट्री का पता लगाया. यह अभियान क्षेत्र में लागू की जा रही एक नई नक्सल विरोधी रणनीति का हिस्सा था.

भारी मात्रा में हथियार किए बरामद

सुकमा के SP किरण चव्हाण ने पुष्टि की कि नक्सली अपनी सशस्त्र गतिविधियों को मजबूत करने के लिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बना रहे थे. उन्होंने कहा, 'इस सफल छापेमारी से नक्सली नेटवर्क को गहरा झटका लगा है.' घटनास्थल से सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और औजार बरामद किए, जिनमें 1 BGL रॉकेट लॉन्चर, 6 BGL लॉन्चर, 6 डबल बैरल राइफलें, 3 सिंगल-शॉट राइफलें, 1 देसी पिस्तौल, मशीन टूल्स, पाइप, ड्रिल, वेल्डिंग शील्ड और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले धातु के पुर्जे शामिल हैं.

नक्सली दबाव में

एसपी चव्हाण ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण नक्सली समूह अब भारी दबाव में हैं. पिछले एक साल में 545 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 454 गिरफ्तार किए गए हैं और 64 मुठभेड़ों में मारे गए हैं. शेष सदस्यों से आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा में शामिल होने का आग्रह किया जा रहा है.

सरकार का पुनर्वास वादा

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आत्मसमर्पण करने वाले किसी भी नक्सली को छत्तीसगढ़ नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत पूरी सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास लाभ दिए जाएंगे. सरकार उनके बच्चों के लिए बेहतर जीवन, रोज़गार के अवसर, वित्तीय सहायता और शिक्षा का वादा करती है जिससे उन्हें एक शांतिपूर्ण और स्थिर जीवन जीने में मदद मिलेगी.

नक्सलियों के लिए एक कड़ा संदेश  

यह अभियान नक्सलियों को एक स्पष्ट और कड़ा संदेश देता है: उनका हिंसक रास्ता तेजी से सिकुड़ रहा है. उनके गुप्त हथियार कारखाने के नष्ट हो जाने और नेतृत्व के दबाव में होने के कारण, आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता शांति और विकास है. यह सफल छापेमारी साबित करती है कि सुरक्षा बल अब अपनी रणनीति में एक कदम आगे हैं और छत्तीसगढ़ के जंगलों में नक्सली आतंक के दिन जल्द ही समाप्त हो सकते हैं.