रायपुर: लग्जरी ट्रेन को बनाया तस्करी का जरिया, दो लड़कियां वंदेभारत एक्सप्रेस में 24 किलो गांजे से भरे सूटकेस के साथ हुईं गिरफ्तार

रायपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस से 24 किलो गांजा लेकर जा रही दो युवतियों को गिरफ्तार किया गया. वहीं रायगढ़ में अफीम की अवैध खेती का बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें लाखों रुपये का माल जब्त किया गया.

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Km Jaya

रायपुर: शुक्रवार रात नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानी NCB ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और वंदे भारत एक्सप्रेस से दो महिलाओं को पकड़ा. आरोपी महिलाओं के पास से 24 kg गांजा बरामद हुआ, जिसे वे एक सूटकेस में छिपाकर ले जा रही थीं. NCB को पहले से सूचना मिली थी कि दो महिलाएं विशाखापत्तनम से ड्रग्स लेकर लौट रही हैं. सूचना के आधार पर टीम ने शुक्रवार रात रायपुर स्टेशन पर जाल बिछाया.

RPF अधिकारियों के मुताबिक टीम ने संदिग्धों को तब पकड़ा जब वे VIP गेट से बाहर निकल रहे थे. तलाशी लेने पर सूटकेस में गांजा मिला. गिरफ्तार महिलाएं तिफरा, बिलासपुर की रहने वाली हैं. इनमें 23 साल की नीलम राठौर और 21 साल की रीना वर्मा शामिल हैं.

जांच में क्या आया सामने?

जांच में पता चला कि तस्करों ने पुलिस और सिक्योरिटी एजेंसियों की नज़र से बचने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस के सेकंड AC कोच का इस्तेमाल किया. आम तौर पर तस्कर ऐसे लग्जरी कोच का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि प्रीमियम ट्रेनों में कड़ी जांच की संभावना कम होती है.

रायगढ़ से भी ऐसा मामला आया सामने

इस बीच आमघाट में अफीम की खेती का पर्दाफाश होने के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. फल काटकर 3.02 kg अफीम तैयार की गई थी और आरोपी के घर से बरामद की गई. इसके अलावा, खेत से 60,326 अफीम के पौधे जब्त किए गए, जिनका कुल वज़न 2,877 kg था. अफीम और पौधों की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये है.

पुलिस ने आरोपी को कैसे किया गिरफ्तार?

रिकॉर्ड के मुताबिक खेती की जा रही जमीन पांच खसरा पार्सल में 70 डेसिमल में फैली हुई है. 20 मार्च को पुलिस-एडमिनिस्ट्रेशन की टीम ने आमाघाट इलाके में अफीम की खेती का पता लगाया. रेड के दौरान खेत में काम कर रहे दो लोग मौके से भाग गए, जबकि एक मार्शल सांगा को गिरफ्तार कर लिया गया. वह झारखंड के खूंटी का रहने वाला है और आमाघाट में दामाद बनकर रह रहा था.

मार्शल सांगा ने अपने घर में 1.5 मिलियन रुपये की अफीम छिपाई हुई थी. पूछताछ के दौरान मार्शल सांगा ने बताया कि उसके पास इस खेती से जुड़े कोई वैलिड डॉक्यूमेंट नहीं हैं. उसने यह भी माना कि वह खूंटी से इमैनुएल भेंगरा और साइप्रियन भेंगरा को अपने साथ लाया था. रेवेन्यू डिपार्टमेंट की टीम ने कन्फर्म किया कि खेती की गई जमीन पांच खसरा पार्सल में बंटी हुई थी.