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सील भी नहीं खोली और पेपर भी लीक! IGKV प्रोफेसर ने एंडोस्कोपिक कैमरे से बनाया वीडियो

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्र लीक मामले में पुलिस ने प्रोफेसर समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है. जांच में खुलासा हुआ कि मास्टरमाइंड प्रोफेसर ने सील खोले बिना एंडोस्कोपिक कैमरे से प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया और छात्रों तक पहुंचाया.

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Edited By: Shanu Sharma
सील भी नहीं खोली और पेपर भी लीक! IGKV प्रोफेसर ने एंडोस्कोपिक कैमरे से बनाया वीडियो
Courtesy: AI

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने इस मामले में एक प्रोफेसर समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है. दो अन्य आरोपित अभी फरार बताए जा रहे हैं. गिरफ्तार सभी आरोपितों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि मामले का मुख्य आरोपित दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है. पुलिस के मुताबिक, योगेश ने प्रश्नपत्र वाले लिफाफे की सील खोले बिना उसमें बेहद छोटा छेद किया और एंडोस्कोपिक कैमरे की मदद से अंदर रखे प्रश्नपत्र का वीडियो बना लिया.

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक वीडियो बनाने के बाद उसने वीडियो देखकर प्रश्नपत्र को हाथ से लिखा और उसे छात्रों तक पहुंचाया. पुलिस के अनुसार, इस प्रश्नपत्र को करीब 11 हजार रुपये में बेचा गया था. मामले में एक छात्र अजय की भी भूमिका सामने आई है, जिसने प्रश्नपत्र की सामग्री अन्य छात्रों तक पहुंचाई.

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी प्रोफेसर ने केवल 20 अगस्त को होने वाली कीट विज्ञान की परीक्षा का प्रश्नपत्र ही लीक नहीं किया था. इससे पहले आठ अगस्त को होने वाली पैथोलॉजी की परीक्षा का प्रश्नपत्र भी उसने अपने कुछ खास छात्रों को उपलब्ध कराया था. हालांकि, उस समय प्रश्नपत्र सार्वजनिक नहीं हुआ था. पुलिस के अनुसार योगेश वर्ष 2019 से भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है. 17 अगस्त को वह जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय से आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लेकर अपने घर गया था. इसी दौरान उसने कथित तौर पर प्रश्नपत्र की रिकॉर्डिंग की.

परीक्षा से दो घंटे पहले मिली लीक की सूचना

20 अगस्त को एजीसीएच-221 की परीक्षा होनी थी. परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले कवर्धा कृषि महाविद्यालय के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना पहुंची. इसके बाद विश्वविद्यालय और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई. छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी वाट्सएप पर प्रश्नपत्र के कुछ सवाल प्रसारित होने की जानकारी दी. जब इसकी पुष्टि हुई तो वरिष्ठ विज्ञानी और स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. एनआर रंगारे की शिकायत पर थाने में मामला दर्ज किया गया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपित समेत छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और इसमें जो भी लोग संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.