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फेस्टिव सीजन, मौसम की मार या कालाबाजारी? भारत में अचानक क्यों बढ़े चीनी के दाम, जानें बाकी देशों का हाल

भारत में चीनी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है. मांग बढ़ने और उत्पादन प्रभावित होने के बीच सरकार ने चीनी के आयात को शुल्क मुक्त करने का फैसला किया है. भारत के अलावा ब्राजील और थाईलैंड में भी चीनी उत्पादन घटने की खबर है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर दुनिया में चीनी की कमी अचानक क्यों बढ़ रही है?

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Edited By: Shanu Sharma
फेस्टिव सीजन, मौसम की मार या कालाबाजारी? भारत में अचानक क्यों बढ़े चीनी के दाम, जानें बाकी देशों का हाल
Courtesy: AI

भारत में फेस्टिवल सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन उससे पहले ही मिठास कम होती नजर आ रही है. मिल रही जानकारी के मुताबिक मार्केट में चीनी की किल्लत बढ़ रही है, जिसकी वजह से इसके दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. हालांकि सरकार की ओर से इसे कंट्रोल करने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी को फ्री कर दिया गया है.

चीनी के बढ़ते डिमांड और घटते आपूर्ति के पीछे क्या कारण है इसे समझना हमारे लिए जरूरी है. साथ ही सवाल यह भी है क्या सिर्फ भारत में चीनी की किल्लत बढ़ी है या फिर दुनिया के और भी देश इस कमी से जूझ रहे हैं और भारत सरकार इस समस्या से बचने के लिए क्या कर रही है?

चीनी उत्पादन में दूसरे नंबर पर भारत

सबसे पहले बता दें कि भारत दुनिया में चीनी प्रोडक्शन में दूसरे नंबर पर आता है. ब्राजील के बाद भारत में सबसे ज्यादा चीनी उत्पादन होता है. इसके बाद भी आज इसके आपूर्ति में कमी आ रही है. हालांकि कुछ रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि इसके पीछे का कारण इथेनॉल है. हालांकि सरकार की ओर से इस बात को मानने से इनकार कर दिया गया है. जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें कि इथेनॉल का इस्तेमाल बायोफ्यूल बनाने के लिए किया जाता है.

वहीं इथेनॉल गन्ने की मदद से तैयार किया जाता है. भारत में चीनी सप्लाई पर सौ प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी लगाई जाती थी, लेकिन इस किल्लत के बीच इसे कुछ शर्तों के साथ ड्यूटी फ्री कर दिया गया है. भारत में अभी फेस्टिवल सीजन शुरू हो गया है. अगस्त से लेकर नवंबर महीने तक त्योहार का सीजन जारी रहने वाला है. इसके अलावा शादी सीजन भी ऑन रहने वाला है. ऐसे में चीनी की खपत बढ़ेगी. हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जमाखोरी के कारण भी यह समस्या बढ़ गई है.ऐसे में चीनी की कमी न हो इसके लिए सरकार कंपनियों को रॉ शुगर लाने की इजाजत दे दी है और उसे ड्यूटी फ्री कर दिया है. हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जमाखोरी के कारण भी यह समस्या बढ़ गई है.

भारत सरकार की तैयारी

अब सवाल यह है कि दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक आज इस समस्या में क्यों है. सरकार का कहना है कि गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. जिसकी वजह से यह समस्या सामने आ रही है. त्योहार के मौसम में यह समस्या और भी ज्यादा न बढ़ जाए, इसके लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई है. हालांकि भारत के पास स्टॉक में अभी भी चीनी है, लेकिन आगे की तैयारी के लिए अक्टूबर महीने तक इंपोर्ट को ड्यूटी फ्री किया गया है.

इन देशों में चीनी का शॉर्टेज

रिपोर्ट में यह भी है कि यह समस्या न केवल भारत में बल्कि ब्राजील में भी नजर आ रही है. ब्राजील में शुगर शॉर्टेज के पीछे का कारण इथेनॉल बताया जा रहा है. वहां की सरकार अपने ज्यादा से ज्यादा गन्ने का इस्तेमाल इथेनॉल उत्पादन के लिए कर रही है. जिसकी वजह से हर साल की तुलना में इस साल वहां तीन प्रतिशत चीनी का कम उत्पादन किया गया है. ब्राजील के अलावा थाईलैंड में भी इस साल चीनी का उत्पादन कम हुआ है. ऐसे में वैश्विक बाजार पर चीनी उत्पादन का दबाव बढ़ रहा है. हालांकि माना जा रहा है कि फेस्टिव सीजन के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी.