रायपुर: Pariksha Pe Charcha 2026 के लिए छत्तीसगढ़ में आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. राज्य में इस पहल को बच्चों और अभिभावकों के लिए सकारात्मक अनुभव बनाने पर जोर दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परीक्षा अब केवल अंक के दबाव का विषय नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक सशक्तिकरण का अवसर बन गई है. देश में सबसे ज्यादा आवेदन छत्तीसगढ़वासियों ने किए हैं और राज्य इस पहल में रोल मॉडल बन चुका है.
‘Pariksha Pe Charcha 2026’ में भाग लेने के लिए अभिभावक 11 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं. राज्य में इस अभियान में अब तक 81,533 से अधिक अभिभावकों ने भागीदारी दिखाई है. आवेदन प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन उपलब्ध है. इससे अभिभावक अपने बच्चों की परीक्षा संबंधी चिंता को साझा कर सकते हैं और मार्गदर्शन पा सकते हैं.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य ने परीक्षा को तनाव का विषय नहीं बल्कि उत्सव का अवसर बनाने की सोच अपनाई है. इसके तहत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी सभी की भागीदारी से यह अभियान और अधिक प्रभावी बन रहा है.
राज्य में यह पहल विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की संयुक्त भागीदारी के माध्यम से सफल हो रही है. पालक अब केवल अंकों के दबाव में नहीं, बल्कि बच्चों के सकारात्मक विकास और मानसिक सशक्तिकरण पर ध्यान दे रहे हैं. इससे परीक्षा का अनुभव तनावमुक्त और उत्साहपूर्ण बन रहा है.
परीक्षा को तनाव नहीं, उत्सव बनाने की सोच- छत्तीसगढ़ बना देश का रोल मॉडल।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) January 4, 2026
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ में पालक सहभागिता के पंजीयन में अब तक देश में प्रथम स्थान पर बने रहना छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है।
81,533 से अधिक अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि हमारे पालक…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह पहल पूरे देश में शिक्षा के सकारात्मक अनुभव को बढ़ावा देती है. छत्तीसगढ़ ने इस अभियान को संवेदनशीलता के साथ लागू किया है. राज्य के प्रयासों से देश के अन्य राज्यों के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है.
मुख्यमंत्री साय 8 जनवरी को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास पर जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित करेंगे. इस कार्यक्रम में वे सीधे जनता की समस्याएं सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे. इस तरह के संवाद से Pariksha Pe Charcha 2026 को और भी मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी और अभिभावक-विद्यार्थी संबंध और बेहतर होगा.