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ITBP जवान के साथ हुई चौंकाने वाली वारदात, ट्रेन से हथियारों से भरा बैग हुआ चोरी

Bilaspur, Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के विलासपुर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. दरअसल, हथियारों से भरा बैग ट्रोन से चोरी हो गया और यह बैग ITBP के जवान का था.

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ITBP जवान के साथ हुई चौंकाने वाली वारदात, ट्रेन से हथियारों से भरा बैग हुआ चोरी
Courtesy: Social Media

Bilaspur, Chhattisgarh: हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों का हथियारों से भरा बैग चोरी हो गया. इस बैग में सर्विस रिवॉल्वर, मैगजीन, जिंदा कारतूस, नकदी और अन्य जरूरी सामान था. इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

जानकारी के अनुसार ITBP के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) वाई.पी. ओझा, हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल बुद्धदेव मलिक हटिया से दुर्ग जाने वाली ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे. मंगलवार-बुधवार की रात करीब 3 बजे जब ट्रेन चांपा स्टेशन पर रुकी, तब जवान सो रहे थे. सुबह 5:50 बजे भाटापारा स्टेशन पर उनकी नींद खुली तो पिट्ठू बैग गायब था. बैग में एक सर्विस रिवॉल्वर, चार मैगजीन, 24 जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद थे.

रेलवे ने शुरू की जांच

चोरी की सूचना मिलते ही ASI ओझा ने तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचित किया. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. चांपा से भाटापारा तक के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. बिलासपुर स्टेशन के फुटेज भी जांचे गए, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर नहीं आया. जांच के दौरान स्टेशन चौक से तितली चौक के बीच झाड़ियों में जवानों के कुछ दस्तावेज और कपड़े मिले, लेकिन बैग और हथियारों का कोई सुराग नहीं लगा.

जवानों पर गिरी निलंबन की गाज

इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए ITBP मुख्यालय ने तीनों जवानों, ASI वाई.पी. ओझा, हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल बुद्धदेव मलिक को निलंबित करने का फैसला लिया. हालांकि, इस निलंबन की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. हथियारों जैसे संवेदनशील सामान की चोरी को सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

यह घटना रेलवे और ITBP दोनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है. इतने महत्वपूर्ण सामान की चोरी कैसे हो गई, यह जांच का विषय है. रेलवे और पुलिस टीमें लगातार बैग और हथियारों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है. इस मामले ने ट्रेनों में सुरक्षा और जवानों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.