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'राहुल गांधी और प्रियंका को शर्मिंदा नहीं करना चाहता,' इंडिया मंच पर ये क्या बोल गए पप्पू यादव?

बिहार की राजनीति में पप्पू यादव की प्रासंगिकता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. बिहार के एक बड़े हिस्से में उनका दबदबा है. बिहारियों के साथ जब-जब अन्याय की बात होती है, उनके आर्थिक मदद की बात आती है, पप्पू यादव, मसीहा की तरह खुद को पेश करते हैं. वे बिहारियों के लिए दिल्ली आते हैं, गुजरात जाते हैं और सामजिक सद्भाव की बात करते हैं. वे कहते हैं कि उन्होंने लोगों की मदद अपनी जमीनें बेचकर की हैं. पढ़ें उन्होंने इंडिया डेली के साथ खास कार्यक्रम 'इंडिया मंच' पर क्या-क्या कहा है.

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'राहुल गांधी और प्रियंका को शर्मिंदा नहीं करना चाहता,' इंडिया मंच पर ये क्या बोल गए पप्पू यादव?
Courtesy: Social Media

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को इंडिया डेली के खास कॉन्क्लेव 'इंडिया मंच' पर कहा है कि वे बिहार में कांग्रेस पार्टी को शर्मिंदा नहीं करना चाहते हैं. पप्पू यादव ने अपनी पार्टी जन अधिकार पार्टी (JAP) का लोकसभा चुनावों के ठीक पहले कांग्रेस में विलय कर दिया था. उम्मीद में थे बिहार में कांग्रेस उन्हें पूर्णिया लोकसभा सीट से टिकट दे देगी. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव और लालू यादव ने यह तय किया कि वे यह सीट ही कांग्रेस को नहीं देंगे. जिस लालू यादव को कुछ दिन पहले उन्होंने अपना अभिभावक बताया था, उन्होंने उनका पत्ता कटवा दिया. कांग्रेस के खाते में ये सीट न जाने की वजह से आरजेडी ने इस सीट से बीमा भारती को खड़ा दिया. पप्पू यादव ने उन्हें करारी हार दी. 

पप्पू यादव से जब इंडिया डेली के मॉडरेटर ने जब सवाल किया कि क्या आप अपने इस अपमान से नाखुश हैं. उन्होंने कहा, 'मैं प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को शर्मिंदा नहीं करना चाहता. इस पर बात करने में मेरी दिलचस्पी नहीं है. मैं इस पर कोई बात नहीं करना चाहता. मेरे साथ प्रियंका गांधी और राहुल गांधी आशीर्वाद हमेशा से था लेकिन मेरे लिए यह बेहद छोटा विषय है. टिकट की बात बीत गई है.' 

गठबंधन मतलब होता ही है बेमोल विचारधारा

राजेश रंजन उर्फ पपप्पू यादव तीसरी बार निर्दलीय ही सांसद चुने गए हैं. मधोपुरा और पुर्णिया उनकी कर्मभूमि रही है. ऐसे में वे मजबूत पकड़ वाले नेता रहे हैं. उनका टिकट कटने की खबरें कई दिनों तक सुर्खियों में रही थीं. उनसे जब इस पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, 'चिंता टिकट का नहीं है. गठबधन का मतलब बेमेल विचारधारा का गठबंधन होता है. कांग्रेस के साथ विचारधारा का मेल जरूरी नहीं है. मेरा स्वाभाविक समर्थन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ है. हमेशा रहेगा.' 
राजेश रंजन, जिन्हें 'पप्पू यादव'

राजनीति को ध्रुवीकरण पर मत बांटो 

पप्पू यादव ने कांग्रेस से टिकट न मिलने पर कहा, 'कांग्रेस किसी के दबाव में नहीं आती है. कांग्रेस के सामने राष्ट्र था और एक छोटा व्यक्ति था. कांग्रेस छोटे विषय को लेकर रिश्ता नहीं तोड़ना चाहती थी. कांग्रेस के सामने इंडिया गठबधन था जो अलग-अलग सूबों में चुनौती से जूझ रहा था. केरल में कांग्रेस से अलग वाम दल हो गए. पंजाब में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं हो पाया, ऐसे में एक छोटे विषय को लेकर कांग्रेस गठबंधन नहीं तोड़ सकती थी. सवाल मेरे लिए टिकट का था ही नहीं.'

हिंदुत्व पर क्या बोले पप्पू यादव?

पप्पू यादव ने सुधांशु त्रिवेदी के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी ध्रुवीकरण की राजनीति करती है. अयोध्या में जनता ने इन्हें जवाब दे दिया. ये हिंदुत्व की बात करते हैं. ये असम के ध्रुवीकरण की बात करते हैं अयोध्या की नहीं देखते हैं. हिंदू धर्म के शंकराचार्य ने इनके नेताओं की कार्यशैली की अलोचना की तो वे गलत हो गए. एक जगह नहीं, उन्होंने महाराष्ट्र में भी यही कहा है. उन्होंने कहा है कि नफरत नहीं चलेगी. भारत उग्रवाद की राजनीति नहीं करता है. राजनीति को ध्रुवीकरण पर मत बांधो. इंदिरा गांधी 1977 के बाद इंदिरा गांधी को कितनी बार प्रचंड बहुमत मिला. राज नारायण को कितनी बार बहुमत मिला.'

बिहार के जातीय समीकरण पर क्या बोले पप्पू यादव?

बिहार की जातीय राजीनीति के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा, 'बिहार को राजनीतिक पार्टियों ने अपने जातीय समीकरण को साधने के लिए अलग-अलग जातियों के खांचों में बांट दिया है. आप लोग हड़बड़ाते बहुत हैं. बिहार में पहले ये नहीं था. बिहार का इतिहास धार्मिक और साहित्यिक रहा है. मगध और नालंदा का गौरवशाली इतिहास रहा है.'

बिहार में रोजगार बड़ा मुद्दा, बिहार को चपकाया पुराना पैकेज

पप्पू यादव ने कहा है कि बिहार में रोजगार बड़ा मुद्दा है. देश में 56 लाख से ज्यादा लोगों की नौकरियां गईं. बिहार में 18 फैक्ट्रियां बंद हो गईं. बिहार को नया पैकेज नहीं दिया गया. बिहार को 60 हजार करोड़ का पैकेज पकड़ाया गया है जो तीन साल पुराना है.

जाति पर होती है सियासत, जाति के लिए कुछ नहीं किया

जातिगत जनगणना पर पप्पू यादव ने कहा कि जातीय जनगणना होनी चाहिए, जिससे समाज के हर तबके की जानकारी तो सामने आ पाएगी. देश के कितने सांसद, विधायक, पुलिसकर्मी और राजनीतिक पार्टियों के पदाधिकारी किस जाति के हैं. कितने आईएएस अधिकारी किस जाति के हैं. ये कहते हैं कि आदिवासी को राष्ट्रपति बना दिया. ओबीसी को प्रधानमंत्री बना दिया. यह सियासत है और कुछ नहीं है.