समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक दुखद घटना ने सबको हिला दिया है. जहरीली शराब पीने के शक में एक पिता और बेटे की जान चली गई, जबकि परिवार का एक और सदस्य गंभीर हालत में है. यह घटना दो इलाकों मुसरीघरारी और बहादुरनगर-रहीमाबाद में हुई है, जिससे इलाके में शराब से जुड़े संकट का डर बढ़ गया है.
मृतकों की पहचान ताजपुर के रहने वाले पल्लू ठाकुर (70) और उनके बेटे रणजीत कुमार (35) के रूप में हुई है. एक और बेटा अजीत कुमार (25) फिलहाल एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवा रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. हालांकि कहा जा रहा है कि वह खतरे से बाहर है. लगभग 16 घंटे के अंदर परिवार के दो सदस्यों की मौत से गांव में दहशत फैल गई है. स्थानीय लोगों को जहरीली शराब पीने का शक है लेकिन अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
गांव वालों के मुताबिक, बुधवार रात करीब 1 बजे रणजीत कुमार अचानक बीमार पड़ गए. परिवार वाले उन्हें एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उनके शव को घर लाया गया और गुरुवार दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम संस्कार के दौरान, पल्लू ठाकुर जो पहले से ही बीमार थे, उनकी तबीयत भी अचानक बिगड़ गई. उन्हें एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले जाया गया जहां गुरुवार देर शाम उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
इस बीच, अजीत कुमार भी बीमार पड़ गए और उनका इलाज चल रहा है. यह परिवार गरीब, मजदूर वर्ग से है और इस घटना से गांव सदमे में है. निवासियों के बीच जहरीली शराब को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अटकलें चल रही हैं, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस ने जानकारी इकट्ठा करना और मामले की जांच शुरू कर दी है.
समस्तीपुर के मुसरीघरारी में एक और संबंधित घटना में, एक और शराब त्रासदी में बलेश्वर साह की जान चली गई और उनके बेटे बबलू साह की जहरीली शराब के कारण आंखों की रोशनी चली गई. इसके बाद, पुलिस ने स्थानीय चौकीदार को सस्पेंड कर दिया और सेक्टर अधिकारी यदुवंश सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए.
पुलिस प्रमुख ने स्थानीय थाना अधिकारी को भी पहले मामले की रिपोर्ट करने में देरी के लिए फटकार लगाई, जो 1 जनवरी को हुआ था लेकिन इसकी रिपोर्ट 7 जनवरी को ही की गई थी. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शराब से जुड़ी और त्रासदियों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोनों घटनाओं की जांच जारी है. स्थानीय लोग जिले में नकली शराब की बिक्री और सेवन को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.