बिहार में मनचलों की हैवानियत से तंग नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, पुलिस पर लापरवाही के आरोप
समस्तीपुर में मनचलों की लगातार छेड़खानी और घर में घुसकर जबरन ले जाने की कोशिश से परेशान 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिवार ने पुलिस पर समय पर मदद न करने का आरोप लगाया है. शिकायत पर जांच शुरू हुई है.
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मनचलों की लगातार छेड़खानी और जबरन साथ ले जाने की कोशिश से परेशान एक नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना मोहिनउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के मदूदाबाद गांव की है.
घर में घुस आए आरोपी, लड़की को खींचकर ले जाने लगे
परिजनों के अनुसार शनिवार दोपहर कुछ लड़के नाबालिग के घर पहुंचे और उसका नाम लेकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे. लड़की की मां ने बाहर आकर विरोध किया तो लड़कों ने छात्रा का हाथ पकड़ लिया और खींचते हुए ले जाने लगे. मां के चिल्लाने और विरोध करने पर आरोपियों ने लड़की को छोड़ दिया और वहां से भाग निकले.
ट्रॉमा में गई लड़की, कमरे में बंद होकर फांसी लगाई
घटना के तुरंत बाद नाबालिग सदमे में कमरे के अंदर चली गई. कुछ ही मिनटों बाद जब मां ने दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला. पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो देखा कि लड़की फंदे से लटकी हुई थी. परिजन उसे उतारकर अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.
भाई का आरोप: आरोपी 5 महीने से परेशान कर रहे थे
मृतका के टीचर भाई ने बताया कि आरोपी युवक पिछले पांच महीनों से उसकी बहन का पीछा कर रहा था. वह कॉलेज और कोचिंग जाते समय रास्ते में रोकता था, मोबाइल नंबर मांगता था और अश्लील हरकतें करता था. उन्होंने कहा कि बहन ने कई बार यह बात परिवार को बताई थी, जिसके बाद परिजनों ने आरोपी के घर जाकर शिकायत भी की थी. उस समय आरोपी ने माफी मांगी थी, लेकिन हरकतें जारी रखीं.
पुलिस को लगातार कॉल, फिर भी कोई नहीं पहुंचा
परिजनों का गंभीर आरोप है कि घटना के दौरान लड़की की मां ने कई बार पुलिस को फोन किया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा. परिवार का कहना है कि अगर समय पर पुलिस पहुंच जाती, तो शायद लड़की की जान बच सकती थी.
25 लड़के घर को घेरे थे, गालियां और धमकियां भी दीं
मौके पर मौजूद छात्रा के मौसेरे भाई ने बताया कि करीब 20–25 युवकों ने घर को घेर लिया था. उन्होंने विरोध करने पर गंदी गालियां दीं और धमकाया भी. वह कहते हैं कि मौसी के विरोध करने के बाद ही लड़के भागे. नहीं तो वे दीदी को उठा ले जाते.
छात्रा का परिवार आर्थिक रूप से साधारण, छह भाई-बहन
17 वर्षीय छात्रा इंटरमीडिएट की छात्रा थी. परिवार में तीन बहनें और तीन भाई हैं. दो बहनों की शादी हो चुकी है. एक भाई प्राइवेट टीचर, दूसरा गोताखोर और तीसरा पुणे में इंजीनियर है. पिता गांव में छोटा कारोबार करते हैं.
पुलिस ने शव भेजा पोस्टमॉर्टम, आरोपियों पर केस दर्ज
मोहिनउद्दीन नगर थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि छात्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों की लिखित शिकायत पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.