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'परिणाम आश्चर्यजनक', बिहार चुनाव में महागठबंधन की करारी हार पर आई राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने बिहार चुनाव को शुरुआत से अनुचित बताते हुए परिणाम को चौंकाने वाला कहा. उन्होंने कहा कि असली संघर्ष संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का है, जबकि महागठबंधन चुनाव में बुरी तरह पिछड़ गया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'परिणाम आश्चर्यजनक', बिहार चुनाव में महागठबंधन की करारी हार पर आई राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया
Courtesy: social media

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की करारी हार के बाद कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं. 

उन्होंने कहा कि यह चुनाव शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था, इसलिए परिणाम चौंकाने वाले हैं. राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करके मतदाताओं का आभार जताया और कहा कि अब सबसे बड़ी लड़ाई संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है. एनडीए ने 243 में से 200 से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया है.

राहुल गांधी का पहला बयान

राहुल गांधी ने कहा कि बिहार का जनादेश भले ही चौंकाने वाला हो, लेकिन यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने लिखा कि महागठबंधन को भरोसा देने वाले लाखों मतदाताओं का वे दिल से सम्मान करते हैं. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह चुनाव शुरुआत से ही निष्पक्ष माहौल में नहीं हुआ, इसलिए नतीजे उम्मीदों से बिल्कुल अलग आए हैं. उनका कहना था कि जनता की उम्मीदों और चुनावी प्रक्रिया के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है.

राहुल गांधी ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में 'अनुचित चुनाव' का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में महागठबंधन जीत हासिल नहीं कर सका. उन्होंने यह भी लिखा कि इस लड़ाई का असल मकसद लोकतंत्र और संविधान की सुरक्षा है. हालांकि उन्होंने सीधे-सीधे 'वोट चोरी' जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया, लेकिन संकेत स्पष्ट थे. इससे पहले राहुल गांधी ने 'वोटर अधिकार यात्रा' के जरिए भी चुनाव प्रणाली में खामियों का मुद्दा उठाया था.

INDIA गठबंधन करेगा गहराई से समीक्षा

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन इस नतीजे का गहराई से विश्लेषण करेगा. उन्होंने वादा किया कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए उनकी रणनीति और भी प्रभावी बनाई जाएगी. उनका कहना था कि सिर्फ चुनाव जीतना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि लोगों के अधिकार सुरक्षित रखना भी बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने गठबंधन के भीतर सामूहिक जिम्मेदारी और बेहतर तालमेल पर जोर दिया.

कांग्रेस और राजद का सबसे खराब प्रदर्शन

इस चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन पिछली बार से भी कमजोर रहा है. 2020 में कांग्रेस ने 70 में से 19 सीटें हासिल की थीं, लेकिन इस बार वह 61 में से सिर्फ 6 सीटें ही जीत पाई. राजद की स्थिति भी बेहद खराब रही- 143 में से सिर्फ 25 सीटें मिलीं, जबकि पिछली बार 144 में से 75 सीटें जीती थीं. महागठबंधन की यह गिरावट बताती है कि जनता में असंतोष गहरा था या संगठनात्मक तैयारी कमजोर रही.

एनडीए की ऐतिहासिक बढ़त और विपक्ष की चुनौती

बिहार में एनडीए ने 200 से अधिक सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया. यह नतीजा न सिर्फ महागठबंधन के लिए झटका है, बल्कि विपक्ष की रणनीति पर भी गंभीर सवाल उठाता है. राहुल गांधी ने कहा कि जनता का फैसला स्वीकार करना चाहिए, लेकिन लोकतंत्र की मजबूती के लिए संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में विपक्ष नए सिरे से अपनी भूमिका तय करेगा.