menu-icon
India Daily

पटना में 31 साल बाद बढ़ा प्रॉपर्टी टैक्स, वार्षिक किराए में 15% की बढ़ोतरी

पटना नगर निगम क्षेत्र में 31 वर्षों बाद वार्षिक किराया मूल्य में 15 प्रतिशत वृद्धि लागू कर दी गई है. नई दरें 24 जून से प्रभावी हैं और इससे निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पटना में 31 साल बाद बढ़ा प्रॉपर्टी टैक्स, वार्षिक किराए में 15% की बढ़ोतरी
Courtesy: pinterest

राजधानी पटना के संपत्ति मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गया है. नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स निर्धारण के आधार वार्षिक किराया मूल्य (एआरवी) में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है. बिहार सरकार की मंजूरी के बाद यह फैसला प्रभावी हो गया है. लंबे अंतराल के बाद हुए इस संशोधन को नगर प्रशासन राजस्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है. वहीं नागरिकों के बीच इसका असर और संभावित कर वृद्धि को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.

 तीन दशक बाद हुआ बड़ा संशोधन

नगर निगम के अनुसार वर्ष 1995 के बाद पहली बार एआरवी में संशोधन किया गया है. बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत समय-समय पर किराया मूल्य में वृद्धि का प्रावधान मौजूद है. हालांकि पटना में यह बदलाव कई वर्षों बाद लागू हुआ है. अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती शहरी जरूरतों और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. नई दरें 24 जून से लागू हो चुकी हैं और अब संपत्ति कर का निर्धारण संशोधित आधार पर किया जाएगा.

निगम को मिलेगा अतिरिक्त राजस्व

नगर प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से कर संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी. प्राप्त अतिरिक्त राशि का उपयोग शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने में किया जाएगा. इसमें सड़कों का विकास, जलनिकासी व्यवस्था में सुधार, स्वच्छता सेवाओं का विस्तार और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना शामिल है. निगम का दावा है कि बढ़े हुए राजस्व का सीधा लाभ शहरवासियों को मिलेगा और शहरी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा.

 सड़कों के आधार पर तय होगा कर

संपत्ति कर निर्धारण के लिए सड़कों को उनकी चौड़ाई के अनुसार तीन श्रेणियों में बांटा गया है. 40 फीट से अधिक चौड़ी सड़कें प्रधान मुख्य सड़क, 20 से 40 फीट चौड़ी सड़कें मुख्य सड़क और 20 फीट से कम चौड़ी सड़कें अन्य सड़कों की श्रेणी में रखी गई हैं. इसके साथ ही वाणिज्यिक, औद्योगिक और आवासीय संपत्तियों को अलग-अलग वर्गों में शामिल किया गया है. इन्हीं मानकों के आधार पर कर की गणना की जाती है.

करदाताओं को दी गई राहत भी

नई दरों के बीच नगर निगम ने करदाताओं को एक राहत भी दी है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 30 जून तक एकमुश्त संपत्ति कर जमा करने वालों को पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी. प्रशासन ने नागरिकों से समय पर कर भुगतान कर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है. माना जा रहा है कि यह कदम लोगों को समय पर कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करेगा और निगम की आय में भी स्थिरता लाएगा.