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बिहार में शिक्षकों के लिए खुशखबरी, टीचरों को तबादले के लिए मिलेंगे 30 विकल्प; जानें क्या है नई नीति

बिहार सरकार ने शिक्षकों के तबादले के लिए नई नीति तैयार की है. इसमें शिक्षकों को 30 पसंदीदा विद्यालय चुनने का विकल्प मिलेगा. चलिए जानते हैं तबादले प्रक्रिया कब से शुरू होगी.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बिहार में शिक्षकों के लिए खुशखबरी, टीचरों को तबादले के लिए मिलेंगे 30 विकल्प; जानें क्या है नई नीति
Courtesy: Pinterest (Representative image)

पटना: बिहार में अपने तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है. राज्य के शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के ट्रांसफर के लिए नई नीति तैयार कर ली है. इस नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को पहली बार अपनी पसंद के 30 विद्यालय चुनने का विकल्प मिलेगा. इन्हीं विकल्पों के आधार पर उनके तबादले और पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

राज्य सरकार ने नई तबादला नीति को लगभग अंतिम रूप दे दिया है. अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलनी बाकी है. माना जा रहा है कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस नीति को स्वीकृति मिल सकती है. मंजूरी मिलने के बाद शिक्षा विभाग बड़े स्तर पर शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया शुरू करेगा.

क्या है सरकार की प्लानिंग?

सरकार की योजना है कि जुलाई महीने के भीतर शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. नई नीति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पहली बार मेरिट को भी महत्व दिया जाएगा. यदि किसी विद्यालय में निर्धारित संख्या से अधिक शिक्षक किसी पद के लिए इच्छुक होंगे, तो मेरिट के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी. 

शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि विभाग ने शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह नीति तैयार की है. उनका कहना है कि शिक्षक बिना तनाव के कार्य करें, तभी वे छात्रों को बेहतर शिक्षा दे पाएंगे. सरकार का लक्ष्य शिक्षकों के कार्य वातावरण को बेहतर बनाना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है.

शिक्षा विभाग ने हाल ही में राज्य के सभी विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत का आकलन भी पूरा किया है. बच्चों की संख्या और विषयवार आवश्यकताओं के आधार पर यह तय किया गया है कि किस विद्यालय में कितने शिक्षकों की जरूरत है. इसके बाद अब तबादले की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाएगा.

और किन-किन बातों का रखा जाएगा ध्यान?

यदि किसी विद्यालय में पद सीमित होंगे, तो वरिष्ठता और अन्य निर्धारित मानकों को भी ध्यान में रखा जाएगा. लंबे समय से एक स्थान पर कार्यरत शिक्षकों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है. इसके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को विशेष राहत दी जाएगी. ऐसे शिक्षकों को उनके घर के नजदीक विद्यालय में पदस्थापन देने का प्रावधान रखा गया है.