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स्मार्ट मीटर पर भरोसा बढ़ाने की पहल, संतुष्टि के बाद ही हटेगा पुराना मीटर

कुमाऊं में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए ऊर्जा निगम ने नई व्यवस्था लागू की है. अब पुराने मीटर हटाने से पहले स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, ताकि उपभोक्ता दोनों की रीडिंग का मिलान कर सकें.

KanhaiyaaZee
स्मार्ट मीटर पर भरोसा बढ़ाने की पहल, संतुष्टि के बाद ही हटेगा पुराना मीटर
Courtesy: Social Media

देहरादून: कुमाऊं क्षेत्र में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान तय समय से पीछे चल रहा है. विरोध और आशंकाओं के कारण जून तक पूरा होने वाला काम अभी अधूरा है. ऐसे में ऊर्जा निगम ने लोगों का भरोसा बढ़ाने और भ्रम दूर करने के लिए नई व्यवस्था शुरू की है. अब उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर हटाने से पहले स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे. दोनों मीटर कुछ समय तक साथ चलेंगे, जिससे उपभोक्ता खुद रीडिंग और बिल की तुलना कर सकेंगे.

ऊर्जा निगम के अनुसार कुमाऊं में कुल 6.55 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं. यह लक्ष्य जून तक पूरा होना था, लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में विरोध और जागरूकता की कमी के कारण काम प्रभावित हुआ. अब तक केवल 3.62 लाख स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं, जो कुल लक्ष्य का करीब 55 प्रतिशत है. हालांकि हाल के दिनों में अभियान की गति पहले से बेहतर हुई है.

उपभोक्ताओं के भरोसे के लिए नई पहल

निगम ने फैसला किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद पुराना मीटर तुरंत नहीं हटाया जाएगा. दोनों मीटर एक साथ संचालित रहेंगे. इस व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाना है कि नए मीटर की रीडिंग सही और पारदर्शी है. इससे स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रही गलतफहमियों को भी दूर करने में मदद मिलेगी.

एक महीने तक होगी रीडिंग की तुलना

नई व्यवस्था के तहत लगभग 25 से 30 दिनों तक दोनों मीटर सक्रिय रहेंगे. इस दौरान स्मार्ट मीटर से तैयार बिल और पुराने मीटर की रीडिंग का मिलान उपभोक्ता स्वयं कर सकेंगे. यदि दोनों आंकड़े संतोषजनक पाए जाते हैं तो उपभोक्ता की सहमति के बाद पुराने मीटर को हटा दिया जाएगा. इससे बिलिंग प्रक्रिया को लेकर संदेह की गुंजाइश कम होगी.

केंद्र सरकार की अनिवार्यता भी प्रभावी

स्मार्ट मीटर परियोजना को केंद्र सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल किया गया है. इसके तहत राज्यों को निर्धारित समय में मीटर बदलने के निर्देश दिए गए हैं. ऊर्जा निगम का कहना है कि लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. साथ ही विरोध करने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस जारी करने और आवश्यक कार्रवाई करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है.

जन सहयोग से मिलेगी अभियान को गति

ऊर्जा निगम के अधिकारियों का मानना है कि उपभोक्ताओं का सहयोग मिलने पर यह अभियान तेजी से पूरा किया जा सकेगा. अधीक्षण अभियंता रवि कुमार राजौरा के अनुसार लोगों की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी वजह से पुराने मीटर हटाने से पहले स्मार्ट मीटर लगाने का निर्णय लिया गया है. उनका कहना है कि इससे उपभोक्ता स्वयं रीडिंग का मूल्यांकन कर सकेंगे और किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा.