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पटना नीट छात्रा मौत केस में बड़ा खुलासा, अंडर गारमेंट्स में मिला मेल स्पर्म; लापरवाही के चलते 2 पुलिस अधिकारियों पर एक्शन

पटना नीट छात्रा मौत मामले में एफएसएल रिपोर्ट में अंडर गारमेंट्स से मानव शुक्राणु की पुष्टि हुई है. लापरवाही के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है और डीएनए जांच जारी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पटना नीट छात्रा मौत केस में बड़ा खुलासा, अंडर गारमेंट्स में मिला मेल स्पर्म; लापरवाही के चलते 2 पुलिस अधिकारियों पर एक्शन
Courtesy: Pinterest

पटना: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच को लेकर बडा खुलासा सामने आया है. इस केस की जांच कर रही एसआईटी को एफएसएल की बायोलॉजिकल रिपोर्ट मिल गई है. रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के अंडर गारमेंट्स से मानव शुक्राणु के अवशेष पाए गए हैं.

पटना पुलिस ने देर रात प्रेस रिलीज जारी कर इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि की है. पुलिस के अनुसार छात्रा के स्वजनों ने 10 जनवरी को उसके कुछ कपडे पुलिस को सौंपे थे. इन कपडों को जांच के लिए एफएसएल लैब भेजा गया था. जांच के दौरान कथित घटना के समय पहने गए एक अंडर गारमेंट्स से शुक्राणु के अवशेष मिले हैं.

संदिग्धों की कैसे होगी पहचान?

अब एफएसएल द्वारा डीएनए प्रोफाइलिंग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इस डीएनए प्रोफाइल का मिलान गिरफ्तार अभियुक्त और अन्य संदिग्धों से किया जाएगा. एसआईटी ने इस मामले में कई संदिग्धों की पहचान पहले ही कर ली है.

पुलिस अधिकारियों को क्यों किया गया निलंबित?

पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट से मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है. इस बीच पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है. जांच की समीक्षा के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है.

कदमकुआं थाने के अपर थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक हेमंत झा को निलंबित किया गया है. इसके साथ ही चित्रगुप्तनगर थाने की थानाध्यक्ष अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी पर भी कार्रवाई हुई है. इन पर समय पर सूचना संकलन और उचित कार्रवाई न करने का आरोप है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया था सामने?

मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट पहले ही अहम संकेत दे चुकी थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा से इनकार न किए जाने की बात कही गई थी. अब फारेंसिक रिपोर्ट ने जांच को नई दिशा दे दी है. शनिवार को सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर का बयान भी सामने आया था. इस बयान में कहा गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सेकंड ओपिनियन के लिए एम्स भेजा गया है.

कैसे हो रही मामले की जांच?

मेडिकल बोर्ड सभी पहलुओं और सूक्ष्म तथ्यों की जांच करेगा. पुलिस छात्रा की अंतिम गतिविधियों की भी बारीकी से जांच कर रही है. छात्रा कब जहानाबाद गई और कब पटना हॉस्टल लौटी इसकी टाइमलाइन बनाई जा रही है.

पटना जंक्शन से हॉस्टल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा चुके हैं. हॉस्टल के भीतर के भी हर मिनट के फुटेज की जांच की गई है. एसआईटी की टीम छात्रा के गांव जहानाबाद जाकर भी जांच कर चुकी है. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है.