Sonu Surrendered: बिहार के मोकामा में हुए गैंगवार के 40 घंटे बाद कुख्यात गैंगस्टर सोनू ने पंचमहला थाने में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. मोकामा फायरिंग मामले में सोनू मुख्य आरोपी है. इस घटना को लेकर पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं, जिनमें से एक में सोनू को नामजद किया गया था.
बुधवार को बिहार के मोकामा में पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग के बीच ताबड़तोड़ 70-80 राउंड फायरिंग हुई. इस गैंगवार में अनंत सिंह बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके एक समर्थक को गोली लग गई.
यह घटना जलालपुर नौरंगा गांव में हुई, जो पंचमहला थाने से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है. दूसरी घटना डुमरा पंचायत के हेमजा गांव में हुई, जो थाने से मात्र 1 किलोमीटर दूर है. इस मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग केस दर्ज किए हैं. फायरिंग की घटना के पीछे अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग के बीच बढ़ती दुश्मनी मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि सोनू ने खुलेआम अनंत सिंह को चुनौती दी थी, जिसके बाद यह हिंसक टकराव हुआ.
सोनू के सरेंडर करने के बाद अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर पुलिस का शिकंजा कस सकता है. मोकामा फायरिंग मामले में अनंत सिंह को भी आरोपी बनाया गया है. ग्रामीण एसपी बिक्रम सिहाग के अनुसार, पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं:
ग्रामीण के बयान पर सोनू-मोनू गैंग के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. सोनू की मां उर्मिला देवी के बयान पर पूर्व विधायक अनंत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस की ओर से कहा जा रहा है कि फायरिंग और पुलिस के काम में बाधा डालने से जुड़ा मामला है.
सोनू-मोनू गैंग के दूसरे आरोपियों के भी जल्द सरेंडर करने की संभावना जताई जा रही है. इस गैंग की बढ़ती गतिविधियां पटना और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही हैं. पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह, जो पहले से ही कई मामलों का सामना कर रहे हैं, इस नए मामले में भी फंसते दिख रहे हैं. फायरिंग के दौरान उनके समर्थक घायल हुए थे, लेकिन पुलिस ने इस घटना को लेकर उनकी भी भूमिका की जांच शुरू कर दी है.
पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है. सरेंडर करने वाले सोनू से पूछताछ के बाद और भी खुलासे हो सकते हैं. अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग के दूसरे सदस्यों की संपत्ति और गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है.