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PM मोदी को व्हाट्सएप कॉल पर धमकी, भतीजे ने फंसाया 71 वर्षीय चाचा को; बिहार से आरोपी गिरफ्तार

WhatsApp Threat To PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार यात्रा के दौरान व्हाट्सएप कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिली, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच शुरू कर दी गई. पुलिस ने धमकी की जांच शुरू की.

anvi shukla
Edited By: Anvi Shukla
PM मोदी को व्हाट्सएप कॉल पर धमकी, भतीजे ने फंसाया 71 वर्षीय चाचा को; बिहार से आरोपी गिरफ्तार
Courtesy: social media

WhatsApp Threat To PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार यात्रा के दौरान व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच शुरू कर दी गई. यह कॉल सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को प्राप्त हुआ था, जिसके बाद केंद्र की कई खुफिया एजेंसियां एक्शन में आ गईं.

जांच के बाद पता चला कि यह कॉल बिहार के भागलपुर जिले से किया गया था. भटकलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हृदय कांत ने बताया कि जैसे ही धमकी की सूचना मिली, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर एक विशेष टीम गठित की. इस टीम का नेतृत्व डीएसपी चंद्र भूषण ने किया, जिसमें तकनीकी सेल और सुलतानगंज थाने के अधिकारी भी शामिल थे, जिन्होंने संयुक्त रूप से जांच की.

71 बार VPN से एक्टिव हुआ नंबर

तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि धमकी भरा कॉल जिस नंबर से किया गया था, वह नंबर 71 बार वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के जरिए एक्टिव किया गया था. यह मोबाइल नंबर सुलतानगंज निवासी 71 वर्षीय मन्टू चौधरी के नाम पर रजिस्टर्ड था.

भतीजे ने रची साजिश, चाचा को फंसाने की थी योजना

जब पुलिस ने मन्टू चौधरी से पूछताछ की, तो उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और आरोप लगाया कि उन्हें उनके भतीजे समीर कुमार रंजन ने फंसाया है. समीर एक बीसीए ग्रेजुएट है और कोविड काल से बेरोजगार था. जांच में यह बात सामने आई कि समीर और उनके चाचा के बीच जमीन विवाद चल रहा था.

गिरफ्तार हुआ आरोपी, कबूला गुनाह

SSP हृदय कांत ने बताया, 'पूछताछ के दौरान समीर रंजन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसने बताया कि उसने जानबूझकर चाचा का मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर धमकी दी थी ताकि उन्हें फंसाया जा सके.' पुलिस ने धमकी देने में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है. आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि चाचा को रिहा कर दिया गया है.