डिक्की खुलते ही सड़क पर बरसने लगीं शराब की बोतलें, पटना में ढाई लाख की पकड़ी गई खेप
पटना के फुलवारी शरीफ स्थित एम्स गोलंबर के पास उत्पाद विभाग की टीम ने झारखंड नंबर की ब्रेजा कार से करीब ढाई लाख रुपये की विदेशी शराब बरामद की है.
पटना: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी का सिलसिला जारी है. राजधानी पटना में उत्पाद विभाग की टीम ने शराब तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है.
फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र में एम्स गोलंबर के पास चेकिंग के दौरान झारखंड नंबर की ब्रेजा कार से करीब ढाई लाख रुपये की विदेशी शराब बरामद की गई है. पुलिस ने कार चालक काजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है.
डिक्की खोलते ही सड़क पर गिरने लगीं बोतलें
उत्पाद विभाग की स्पेशल चेकिंग टीम एम्स गोलंबर के पास नियमित वाहन जांच कर रही थी. इसी दौरान झारखंड नंबर की एक ब्रेजा कार पर टीम को संदेह हुआ. अधिकारियों ने कार को रुकवाकर तलाशी शुरू की.
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जैसे ही कार की डिक्की खोली गई, अंदर ठूंस ठूंसकर रखी गई शराब की बोतलें भरभराकर सड़क पर गिरने लगीं. यह देखकर जांच टीम भी हैरान रह गई. इसके बाद अधिकारियों ने कार की पूरी तलाशी ली और उसमें बड़ी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की.
झारखंड से पटना लाई गई थी शराब
जांच में सामने आया कि शराब को झारखंड से कार के जरिए पटना लाया जा रहा था. उत्पाद विभाग ने बरामद शराब को जब्त कर लिया है. इसकी अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है.
गिरफ्तार चालक की पहचान काजू कुमार के रूप में हुई है. पूछताछ में उसने अधिकारियों को बताया कि वह झारखंड से कार लेकर पटना आया था. उसे पटना में किसी अज्ञात व्यक्ति को कार सौंपनी थी. हालांकि शराब की खेप किसे दी जानी थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है.
शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क की तलाश
उत्पाद विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रेम प्रकाश ने बताया कि एम्स गोलंबर के पास वाहन जांच के दौरान झारखंड नंबर की कार से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है. चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है.
अधिकारियों के अनुसार, काजू कुमार से पूछताछ के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है. टीम यह पता लगाने में लगी है कि पटना में शराब की खेप किस व्यक्ति को पहुंचाई जानी थी और इस नेटवर्क में कौन कौन लोग शामिल हैं.
बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है. इसके बावजूद अलग अलग रास्तों और वाहनों के जरिए शराब पहुंचाने की कोशिशें सामने आती रही हैं. पटना में हुई यह कार्रवाई भी इसी तरह की एक कोशिश पर कार्रवाई के तौर पर देखी जा रही है. अब जांच एजेंसियों का फोकस इस खेप के पीछे मौजूद मुख्य तस्कर और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है.