पटना: बिहार की राजनीति में नया विवाद तेज हो गया है. पटना के महुआबाग में लालू प्रसाद यादव के लिए बन रहे कथित आलीशान महल को लेकर बीजेपी ने बड़ा हमला बोला है. बीजेपी ने कहा है कि लालू के समाजवाद का मतलब सिर्फ लूट खसोट से संपन्न परिवार है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर यह संपत्ति अवैध पाई जाती है तो ईडी इसे जब्त कर सकती है.
बीजेपी ने अपने एक्स हैंडल पर निर्माणाधीन बंगले का वीडियो साझा किया है और दावा किया है कि यह हवेली लूट की कमाई से बनाई जा रही है. बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि महुआबाग में बन रहा यह महल नौकरी के बदले जमीन मामले से जुड़ा है. उन्होंने दावा किया कि ईडी ने पहले भी इस जमीन पर छापा मारा था और आगे भी जांच की संभावना है.
लालू जी का "समाजवाद" यानी लूट-खसोट से संपन्न है एकमात्र परिवार!
— BJP Bihar (@BJP4Bihar) December 1, 2025
लालू परिवार एंड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने ऐशो-आराम और शानदार जीवन का पूरा इंतजाम किया है।
पेश है पटना शहर के बीचों-बीच इनका एक और निर्माणाधीन आलिशान महल... pic.twitter.com/VxxLdQyR8s
नीरज कुमार ने कहा कि लालू यादव का समाजवाद सिर्फ परिवारवाद में बदल गया है और सत्ता का इस्तेमाल निजी संपत्ति बढ़ाने के लिए किया गया है. ईडी ने जुलाई 2023 में लालू परिवार की कई संपत्तियों को जब्त किया था. इनमें पटना, दिल्ली और गाजियाबाद में स्थित जमीन और मकान शामिल थे. कहा जाता है कि महुआबाग की जमीन भी उसी कार्रवाई का हिस्सा थी.
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि बीजेपी जिस बंगले को लेकर हमला कर रही है, वह किसके नाम पर है लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि लालू यादव इस निर्माणाधीन मकान का जायजा नियमित तौर पर लेते रहे हैं. सूत्रों के अनुसार लालू परिवार को सरकार की ओर से 10 सर्कुलर रोड का बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया है.
इसके बाद परिवार नए आवास 39 हार्डिंग रोड में शिफ्ट हो सकता है. वहीं यह भी चर्चा है कि परिवार महुआबाग के महल में भी जाने पर विचार कर सकता है. इस वजह से इस निर्माण पर राजनीतिक विवाद और अधिक बढ़ गया है. बीजेपी ने कहा है कि लालू परिवार एंड प्राइवेट लिमिटेड की संपत्तियां लगातार बढ़ रही हैं जबकि आम जनता संघर्ष कर रही है.
नीरज कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि लूट की संपत्ति कभी सुरक्षित नहीं रहती और ईडी इसे फिर से जब्त कर सकती है. उन्होंने लालू परिवार से यह भी पूछा है कि इतनी बड़ी संपत्ति आखिर किस स्रोत से आई है. इस पूरे मामले पर आरजेडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा बिहार की राजनीति में एक बड़ा विवाद बन गया है.