चुनाव हारते ही सिंगापुर क्यों चली गईं रोहिणी आचार्य? जाते-जाते बता गईं वजह

Bihar News: लोकसभा चुनाव में बिहार की सारण सीट से मिली हार के एक हफ्ते बाद ही आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य वापस सिंगापुर चली गईं. हालांकि, उन्होंने जाते-जाते सारण की जनता की सेवा करने का वादा किया है. साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि आखिर क्यों उन्हें सिंगापुर वापस जाना पड़ रहा है. रोहिणी आचार्य पहली बार चुनाव में उतरी थीं लेकिन उन्हें जीत नसीब नहीं हुई

Social Media
India Daily Live

लालू प्रसाद यादव के बेटों तेजस्वी और तेज प्रताप के अलावा उनकी बड़ी मीसा भारती चुनाव लड़ती रही हैं. पहली बार उनकी छोटी बेटी रोहिणी आचार्य चुनाव में उतरी थीं. बिहार की सारण लोकसभा सीट से चुनाव में करारी हार के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य सिंगापुर चली गई हैं. जाने से पहले उन्होंने कहा कि वह 10-15 दिनों में सिंगापुर से वापस आकर सारण की जनता की सेवा करेंगी. रोहिणी ने वजह भी बताई है कि वह सिंगापुर क्यों जा रही हैं.

रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर के लिए उड़ान भरने से पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि वह अपने बच्चों से मिलने के लिए सिंगापुर जा रहीं हैं और करीब 10 से 15 दिन में वापस आकर सारण की जनता की सेवा करेंगी. साथ ही, अपने उन तमाम कार्यकर्ताओं का धन्यवाद भी करेंगी जिन्होंने चुनावी यात्रा में उनका साथ निभाया. 

NDA पर कसा तंज

केंद्र में बनी मोदी सरकार 3.0 में बिहार के नेताओं बड़े मंत्रालय नहीं दिए जाने वाले के सवाल पर रोहिणी ने कहा, 'सच्चाई सामने आ गई है. विपक्ष तो यही बोलता था, जनता अब डिसाइड करे. जनता से इतने झूठे वादे किए. ठनठन गोपाल बना दिया है बिहार की जनता को. बिहार की जनता भी कह रही है कि हमें झुनझुना पकड़ा दिया गया है.'

नीतीश कुमार को लेकर क्या बोल गईं रोहिणी?

इस दौरान आरजेडी के साथ नीतीश कुमार की वापसी वाले सवाल का जवाब देते हुए रोहिणी बोलीं, 'हम क्यों उन्हें लेकर आएंगे, वो बड़े हैं, हम उनसे आशीर्वाद ले रहे हैं. अब वो कब आएंगे, ये तो वही बताएंगे. हम लोग तो उनके बाल-बच्चे हैं, उनसे आशीर्वाद मांग रहे हैं.' इतना ही नहीं आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार की अनुपस्थिति पर भी रोहिणी ने कहा, 'उनकी तबीयत खराब होगी, उन्हें आराम करने दीजिए.'

13 हजार 661 वोटों से हारीं रोहिणी 

बताते चलें कि सारण लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव में उतरी लालू यादव की लाडली बेटी रोहिणी आचार्य को बीजेपी उम्मीदवार राजीव प्रताप रूड़ी ने इस चुनाव में हराया है. इस चुनाव में राजीव प्रताप रूड़ी को 4 लाख 71 हजार 752 वोट मिले. वहीं, रोहिणी 4 लाख 58 हजार 90 वोट पर सिमट गईं. बता दें कि यह उनका पहला चुनाव था.

रोहिणी आचार्य उस वक्त खूब चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने अपने पिता लालू यादव को अपनी किडनी देकर उनकी जान बचाई थी. रोहिणी का परिवार यानी उनके पति और बच्चे सिंगापुर में ही रहते हैं. चुनाव के दौरान भी उन्होंने कहा था कि अगर वह जीत जातती हैं, तब भी सिंगापुर तो जाती ही रहेंगी.