Assembly Election 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assam Assembly Election 2026

केरल में कांग्रेस की जीत लेकिन राज्य के सबसे पॉपुलर चेहरे शशि थरूर को क्यों नहीं बनाया जा सकता सीएम?

केरल में कांग्रेस की जीत के साथ ही सीएम के नाम की चर्चा तेज हो गई है. चर्चा इस बात की है कि आखिर केरल में सीएम का सेहर किसके सिर पर सजेगा.

pinterest
Sagar Bhardwaj

केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन बहुमत के आंकड़े को पार कर चुका है और इसी वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) का आखिरी किला भी ढह गया. केरल में कांग्रेस की जीत के साथ ही सीएम के नाम की चर्चा तेज हो गई है. चर्चा इस बात की है कि आखिर केरल में सीएम का सेहर किसके सिर पर सजेगा. वैसे तो केरल में शशि थरूर कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े चेहरे माने जाते हैं, लेकिन उनका मुख्यमंत्री बनना काफी मुश्किल नजर आ रहा है. इसकी कई बड़ी वजह हैं....

1. राज्य की राजनीति बनाम राष्ट्रीय चेहरा

थरूर की पहचान एक बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेता की है. वे थिरुवनंतपुरम से सांसद हैं और विदेश नीति, लेखन व बौद्धिक बहसों में सक्रिय रहते हैं, लेकिन केरल में राजनीति बहुत हद तक जमीनी नेटवर्क और स्थानीय कनेक्शन पर चलती है जहां थरूर की पकड़ सीमित मानी जाती है.

2. संगठन पर कमजोर पकड़

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की केरल यूनिट में कई मजूत गुट हैं. जिसमें वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन, प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल का गुट शामिल है. इन नेताओं का विधायकों और पार्टी संगठन पर ज्यादा प्रभाव है. किसी राज्य में मुख्यमंत्री वही बनता है जिसके पीछे अधिकतर विधायक खड़े हों और इस पैमाने पर शशि थरूर अभी काफी  पीछे दिखते हैं.

3. एलिट बनाम ग्रासरूट इमेज

थरूर की छवि एक पढ़े-लिखे, शहरी और ग्लोबल लीडर की है, लेकिन केरल की पारंपरिक राजनीति में जमीनी संघर्ष से निकले नेता ज्यादा स्वीकार्य होते हैं. इसी वजह से उन्हें कई बार एलिट या दिल्ली सेंट्रिक नेता के रूप में देखा जाता है. ऐसे में अगर शशि थरूर को सीएम बनाया जाता है तो राज्य के जमीनी स्तर के नेताओं में नाराजगी फैल सकती है.

4. चुनावी गणित और भूमिका

अगर यूडीफ जीतता है तो पार्टी उसी को मुख्यमंत्री बनाने पर प्राथमिकता देगी जिसकी विधानसभा में सक्रियता हो, जो लंबे समय से राज्य की राजनीति में काम कर रहा हो और चुनावी रणनीति का चेहरा रहा हो और इस समय इस भूमिका में ज्यादा स्पष्ट रूप से वीडी सतीशन दिखाई दे रहे हैं.

थरूर नहीं तो कौन संभालेगा केरल की सत्ता

अब सवाल यह उठता है कि अगर शशि थरूर मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होंगे तो केरल की सत्ता की चाबी किसके हाथों में होगी? इस प्रश्न का उत्तर चार नामों पर आके टिकता है जिसमें वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन, प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल के नाम शामिल हैं और इन नामों में भी सबसे ऊपर वीडी सतीशन का नाम आता है.