menu-icon
India Daily

गिरिराज सिंह ने मुसलमानों को बताया ‘नमक हराम’, बोले- आयुष्मान योजना का नहीं मानते उपकार

Giriraj Singh's controversial statement: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के अरवल में एक चुनावी सभा में विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने मुसलमानों को 'नमक हराम' बताया और कहा कि वे आयुष्मान योजना का उपकार नहीं मानते.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
गिरिराज सिंह ने मुसलमानों को बताया ‘नमक हराम’, बोले- आयुष्मान योजना का नहीं मानते उपकार
Courtesy: social media

Giriraj Singh's controversial statement: बिहार चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने अरवल में एक चुनावी सभा को संबोधित किया. इस दौरान उनके बयान ने राजनीति में हलचल मचा दी है. उन्होंने मुसलमानों को 'नमक हराम' कहकर विवादित टिप्पणी की और आयुष्मान योजना को लेकर उनके रुख पर सवाल उठाया.

गिरिराज सिंह ने कहा कि मोदी सरकार सभी वर्गों के लिए काम करती है, लेकिन मुस्लिम समुदाय बीजेपी को वोट नहीं देता. उन्होंने एक मौलवी के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पूछा कि क्या आयुष्मान कार्ड मिला, तो मौलवी ने कहा हां. लेकिन जब पूछा कि क्या बीजेपी को वोट दिया, तो जवाब नहीं में मिला. सिंह ने कहा कि जो किसी के उपकार को नहीं मानता, उसे 'नमक हराम' कहते हैं और उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों का वोट उनकी पार्टी को नहीं चाहिए.

महागठबंधन पर निशाना

गिरिराज सिंह ने महागठबंधन को निशाना बनाते हुए कहा कि अरवल में उनकी पार्टी को परास्त करना है. उन्होंने महागठबंधन के भीतर कई सीटों पर घटक दलों के आपसी संघर्ष का जिक्र किया और कहा कि गठबंधन में कोई मजबूत नेतृत्व नहीं है. उन्होंने एनडीए में केंद्र में मोदी और राज्य में नीतीश कुमार के नेतृत्व को स्थिर और प्रभावी बताया.

विकास और उपलब्धियां

केंद्रीय मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाया. उन्होंने कहा कि हर नागरिक की आय बढ़ी है और महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं. उन्होंने नीतीश सरकार के सुधारों को भी सराहा, जैसे कि महिलाओं की सुरक्षा, आवास योजनाएं और लोगों के जीवन स्तर में सुधार.

विपक्ष और तेजस्वी यादव पर हमला

गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर घर को सरकारी नौकरी देने का झूठा वादा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास और अन्य योजनाओं का लाभ मुस्लिम समुदाय के लोगों तक भी पहुंचा है. उन्होंने दोहराया कि उनके लिए 'नमक हराम' वोट की जरूरत नहीं है.