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Congress-RJD alliance: बिहार चुनाव की रणनीति पर सहमति नहीं, राहुल-तेजस्वी मुलाकात से भी नहीं सुलझी गांठ; अभी भी CM फेस पर सस्पेंस बरकरार

Congress-RJD alliance: बिहार में कांग्रेस और आरजेडी के चुनावी गठबंधन के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन कांग्रेस का रवैया कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है, जो तेजस्वी यादव को पसंद नहीं आएगा.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
Congress-RJD alliance: बिहार चुनाव की रणनीति पर सहमति नहीं, राहुल-तेजस्वी मुलाकात से भी नहीं सुलझी गांठ; अभी भी CM फेस पर सस्पेंस बरकरार
Courtesy: Social Media

Bihar Assembly Election 2025: दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव के बीच मुलाकात ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल जरूर बढ़ा दी है, लेकिन तस्वीर अब भी साफ नहीं हो पाई है. कांग्रेस ने भले ही महागठबंधन में चुनाव लड़ने का ऐलान किया हो, लेकिन नेताओं के बयानों और राहुल के लगातार बिहार दौरों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

तेजस्वी को कब मंजूर होगा 'दूसरी लाइन' का गेम?

बता दें कि राहुल गांधी की सक्रियता और कांग्रेस नेताओं के 'बॉडी लैंग्वेज' से लग रहा है कि पार्टी अपने लिए बड़ी भूमिका चाहती है. लेकिन जिस तरह कांग्रेस आरजेडी के परंपरागत वोट बैंक में सेंध लगाती दिख रही है, उससे तेजस्वी यादव की चुप्पी भी खटकती है. क्या तेजस्वी को यह सब मंजूर है? सवाल यही है.

क्या कांग्रेस बना रही है Plan-B?

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस फिलहाल दो रास्तों पर चल रही है. एक तरफ वो महागठबंधन के जरिए सीटें हथियाने की कोशिश में है, तो दूसरी तरफ अकेले चुनाव लड़ने का प्लान-B भी तैयार कर रही है. खासकर तब, जब सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर बात नहीं बनती.

बैठकों का दौर जारी, मगर असली फिक्सिंग अभी बाकी

बताते चले कि 15 अप्रैल को दिल्ली में खड़गे के घर पर हुई मीटिंग के बाद अब 17 और 20 अप्रैल को पटना में बड़ी बैठकें होने वाली हैं. इन बैठकों में कांग्रेस और आरजेडी के अलावा लेफ्ट दलों के नेता भी शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में सीटों के तालमेल के साथ-साथ कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर भी चर्चा होनी है.

सीएम चेहरे पर अब भी पेच

वहीं 2020 में तेजस्वी महागठबंधन के नेता थे और राहुल गांधी ने भी मंच साझा किया था, लेकिन इस बार कांग्रेस की चुप्पी कई तरह की आशंकाएं खड़ी कर रही है. जब तक कांग्रेस तेजस्वी यादव को सार्वजनिक तौर पर मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं मानती, महागठबंधन की रणनीति अधूरी ही मानी जाएगी.

तेजस्वी ने जताया भरोसा, पर सवाल बाकी हैं

इसके अलावा तेजस्वी यादव ने मीटिंग के बाद कहा, ''बातचीत अच्छी हुई है... विपक्ष पूरी तरह तैयार है.'' साथ ही उन्होंने दावा किया कि ''एनडीए इस बार बिहार में सरकार नहीं बना रहा है, नीतीश जी तो हाईजैक हो चुके हैं.'' मगर सवाल अब भी यही है कि क्या कांग्रेस वाकई तेजस्वी को नेता मानने को तैयार है?