Gopal Khemka Shot Dead: शुक्रवार की रात बिहार के पटना में जाने-माने व्यवसायी गोपाल खेमका की उनके घर के बाहर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह घटना शहर के बीचों-बीच स्थित गांधी मैदान के पास हुई. खबरों के मुताबिक, कुछ हमलावर उनका इंतजार कर रहे थे और जैसे ही वह अपनी कार से बाहर निकले, उन्हें गोली मार दी गई. हमला करने के बाद हमलावर तेजी से भाग गए.
गोपाल खेमका मगध अस्पताल के मालिक थे और पटना में कई सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए थे. उनकी मौत ने न केवल शहर बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. खेमका परिवार में यह पहली त्रासदी नहीं है. 2018 में गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इस बच्चे को क्या दिलासा दूं? सात साल
पहले गोपाल खेमका जी के पुत्र गुंजन
खेमका की हत्या हुई थी, उन्हें न्याय का भरोसा
दिलाने गया था। अगर उस वक्त सरकार
अपराधियों की साझीदार न बनकर, उनके
ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई करती तो आज
गोपाल खेमका जी की हत्या न होती!
जैसे ही सूचना मिली मैं वहां… pic.twitter.com/3i4zEoqc5f— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) July 4, 2025Also Read
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बता दें कि घटना वाली रात गोपाल खेमका बांकीपुर क्लब से रात करीब 11:30 बजे घर लौटे थे. होटल पनास के पास जैसे ही वह अपनी कार से उतरे, बंदूकधारियों ने उन पर हमला कर दिया. सांसद पप्पू यादव ने घटनास्थल का दौरा किया और उनके परिवार से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन हत्या स्थल के बहुत नजदीक है, फिर भी वे समय पर कार्रवाई करने से चूक गए.
सोशल मीडिया पर उन्होंने स्थिति को जंगल राज बताया. साथ ही कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए. उन्होंने लोगों को यह भी याद दिलाया कि गुंजन खेमका की हत्या का कभी भी उचित समाधान नहीं हुआ. अगर उस समय न्याय मिल जाता है तो शायद यह घटना नहीं होती.
इतने सुरक्षित इलाके में इस दुस्साहसिक हत्या ने सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं. लोग अब पूछ रहे हैं कि कोई भी कितना सुरक्षित है. यहां तक कि जाने-माने और अमीर लोग भी सुरक्षित नहीं हैं. पिछले अपराधों में न्याय न मिलने और बढ़ते हमलों के कारण लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है. कई लोग अब बिहार सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.