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India Daily

'20 साल से नहीं सुना तो अब...', प्रशांत किशोर का CM नीतीश पर निशाना, लोगों से की अपील

बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर बिहार में प्रदर्शन हुआ, जिसमें रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर गांधी मैदान में अनशन कर रहे हैं.उन्होंने बिहार की जनता से जागरूक होने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करने की अपील की.

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Edited By: Princy Sharma
'20 साल से नहीं सुना तो अब...', प्रशांत किशोर का CM नीतीश पर निशाना, लोगों से की अपील
Courtesy: Twitter

Prashant Kishor: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की हाल ही में हुई परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर शुक्रवार को राज्य भर में प्रदर्शन हुआ. पटना सहित कई जगहों पर रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर गांधी मैदान में 70 वीं बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं. प्रशासन ने इसे अवैध बताते हुए अनशन स्थल बदलने का अनुरोध किया, लेकिन प्रशांत किशोर ने इसे ठुकरा दिया.

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अनशन के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई बयान दिए. इसका वीडियो एएनआई ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर शेयर किया है.  प्रशांत किशोर ने बिहार की जनता को जागरूक होने के लिए कहा और बच्चों की बेहतर भविष्य को लेकर भी बयान दिया. 

प्रशांत किशोर ने क्या कहा?

अनशन के दौरान जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, ' जिसे पिछले 20 साल से लोगों की बात नहीं सुनने की आदत है, वे 4 दिन में लोगों के सामने कैसे झुकेंगे... जब तक बिहार की जनता नहीं जागेगी, तब तक कोई सुधार नहीं होगा. इन लोगों को समझना होगा कि जनता की ताकत से बड़ी कोई ताकत नहीं है. यह तभी होगा जब लोग जागेंगे और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आगे आएंगे... लोगों को धर्म, जाति और 5 किलो अनाज से परे सोचना शुरू करना होगा और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के बारे में सोचना शुरू करना होगा...'

धरना खत्म करने की अपील

जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) अधिक समय से बीपीएससी छात्रों के समर्थन में आमरण अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी गई थी.  डॉक्टर ने बताया कि प्रशांत किशोर को डिहाइड्रेशन हो रहा है और उन्हें पानी पीने की सलाह दी गई. इसके साथ ही ठंडे मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है.  इससे पहले, पटना जिला प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस ने प्रशांत किशोर से धरना खत्म करने की अपील की थी, लेकिन उनकी यह कोशिश नाकाम रही.