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जब किडनी देने की बारी आई तो...रोहिणी आचार्य ने पत्रकार को फोन पर धमकाया, तेजस्वी पर साधा निशाना

रोहिणी ने नाम लिए बिना उन्होंने अपने छोटे भाई और राजद के पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तथा उनके करीबी सलाहकार संजय यादव पर तीखा हमला बोला है.

Gyanendra Sharma
जब किडनी देने की बारी आई तो...रोहिणी आचार्य ने पत्रकार को फोन पर धमकाया,  तेजस्वी पर साधा निशाना
Courtesy: Photo-Social Media

पटना: लालू यादव के परिवार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. बेटी रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. साल 2022 में पिता को अपनी किडनी दान करके देशभर में सराहना बटोरने वाली रोहिणी ने अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक के बाद एक पोस्ट कर परिवार के भीतर चल रहे कथित मनमुटाव को सार्वजनिक कर दिया है. 

रोहिणी ने नाम लिए बिना उन्होंने अपने छोटे भाई और राजद के पूर्व उपनेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव तथा उनके करीबी सलाहकार संजय यादव पर तीखा हमला बोला है. रोहिणी ने लिखा, “जो लोग लालू जी के नाम पर संवेदना दिखाते हैं, लेकिन जब किडनी देने की बारी आई तो सिर्फ जुबान चलाते रहे वे पहले अपनी झूठी हमदर्दी छोड़ें.” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे लोग अगर सच में कुछ करना चाहते हैं तो लालू प्रसाद यादव के नाम पर जरूरतमंद गरीब मरीजों को किडनी दान करें. रोहिणी का इशारा साफ था किडनी देने की बात करना आसान है, करना मुश्किल.

पत्रकार को फोन पर धमकाया, वायरल हुआ ऑडियो

रोहिणी यहीं नहीं रुकीं. बिहार के एक वरिष्ठ पत्रकार को उन्होंने फोन किया और पूछा, “आपने टीवी पर मेरे बारे में क्या कहा कि मैं कितनी बार मायके जाती हूं और कितने घंटे रहती हूं?” बात आगे बढ़ी तो रोहिणी ने सीधा सवाल दागा  “जब पापा को किडनी चाहिए थी, तब तेजस्वी क्यों नहीं आए? तेजस्वी ने किडनी क्यों नहीं दी?” उन्होंने कहा, “खून देने से लोग डर जाते हैं, किडनी कौन देगा?” इस दौरान उनकी बातचीत में गुस्सा और तल्खी साफ झलक रही थी. फोन कॉल का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

परिवार में दरार की नई कड़ी

राजद के भीतर लंबे समय से चल रही खेमेबाजी की खबरें कोई नई नहीं हैं. मीसा भारती और तेजप्रताप यादव एक तरफ, तेजस्वी यादव और उनके सलाहकार संजय यादव दूसरी तरफ – इस खींचतान की चर्चा बिहार की राजनीति में आम है. लेकिन अब तक रोहिणी आचार्य इस सार्वजनिक बहस से दूर रहती थीं. 2024 लोकसभा चुनाव में सारण सीट से चुनाव लड़ने के बाद हार के बावजूद उन्होंने परिवार के भीतर चुप्पी साध रखी थी. मगर अब लग रहा है कि उन्होंने खुलकर मोर्चा खोल दिया है.