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 जंतर-मंतर और रांची के बाद अब पटना में उबाल! BPSC-TRE-4 को लेकर सड़कों पर उतरेंगे छात्र

 बिहार में BPSC, शिक्षक भर्ती, पेपर लीक और परीक्षा में देरी को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ रहा है. छात्रों ने 18 अगस्त से आमरण अनशन की चेतावनी दी है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
 जंतर-मंतर और रांची के बाद अब पटना में उबाल! BPSC-TRE-4 को लेकर सड़कों पर उतरेंगे छात्र
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बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर छात्रों का गुस्सा एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. BPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी, परीक्षाओं में देरी और शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं होने जैसे मुद्दों पर अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं. पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का धरना भी जारी है.

 70वीं BPSC को लेकर उठ रहे सवाल

अभ्यर्थी 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच और जरूरत पड़ने पर दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता जरूरी है. TRE-4 को लेकर भी अभ्यर्थियों में नाराजगी है. इससे पहले मई में विज्ञापन में देरी के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी हुआ था.

NEET विवाद के बाद बढ़ा आक्रोश

जुलाई में कथित NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भी बिहार में प्रदर्शन हुए थे. पटना में मार्च रोकने के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और पानी की बौछार किए जाने की खबर सामने आई थी. इन घटनाओं के बाद परीक्षा और भर्ती से जुड़े मुद्दे राज्य में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं.

तेजस्वी और पप्पू यादव भी मैदान में

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार को ‘पेपर लीक की राजधानी’ बताते हुए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने 19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान किया है और छात्रों, युवाओं, शिक्षकों तथा शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है. सांसद पप्पू यादव भी छात्रों के बीच पहुंचकर 70वीं BPSC की दोबारा परीक्षा की मांग का समर्थन कर चुके हैं.

18-19 अगस्त पर टिकी नजर

छात्र आंदोलन के लिहाज से अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. TRE-4 अभ्यर्थियों ने 18 अगस्त से अनशन की तैयारी की है, जबकि 19 अगस्त को प्रस्तावित राजभवन मार्च से आंदोलन का दायरा बढ़ सकता है. जंतर-मंतर और रांची में छात्र आंदोलनों के बाद पटना में बढ़ती सक्रियता ने सरकार के सामने परीक्षा, भर्ती और युवाओं के रोजगार से जुड़े सवालों को और गंभीर बना दिया है.