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मधुबनी जेल में युवक की मौत पर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल, 10 दिन में कार्रवाई का आश्वासन

मधुबनी जेल में 19 वर्षीय रौशन यादव की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, जबकि परिवार ने हत्या का आरोप लगाया है. प्रशांत किशोर ने एसएसपी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

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Edited By: Shanu Sharma
मधुबनी जेल में युवक की मौत पर प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल, 10 दिन में कार्रवाई का आश्वासन
Courtesy: ANI

मधुबनी जेल में युवक की मौत के मामले में जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पुलिस प्रशासन से जवाब मांगा है.  वह शनिवार देर शाम मधुबनी पहुंचे. यहां उन्होंने सबसे पहले रौशन यादव के परिवार से मुलाकात की. इसके बाद वह एसएसपी योगेंद्र कुमार के कार्यालय पहुंचे.

प्रशांत किशोर ने एसएसपी के सामने पूरे मामले को रखा. उन्होंने कहा कि रौशन के परिवार को न्याय मिलना चाहिए. परिवार काफी गरीब है. रौशन के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. अब घर में उसकी मां और दो बहनें हैं. एसएसपी से मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत की.

10 दिन में जांच का मिला भरोसा

प्रशांत किशोर ने बताया कि पुलिस अधिकारी ने मामले की जांच 10 दिन के अंदर पूरी करने का भरोसा दिया है. यदि जांच में किसी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर 10 दिन में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वह दोबारा मधुबनी आएंगे. जरूरत पड़ी तो वह बिहार के डीजीपी और मुख्य सचिव से भी मुलाकात करेंगे.

प्रशांत किशोर ने बताया कि परिवार के अनुसार रौशन को 27 मई को रहिका थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. परिवार को इस गिरफ्तारी की जानकारी तुरंत नहीं दी गई. करीब तीन दिन बाद परिजनों को पता चला कि वह थाने में बंद है. परिवार ने पुलिस पर युवक के साथ मारपीट और प्रताड़ना का आरोप भी लगाया है.

परिजनों के मुताबिक 31 मई की सुबह रौशन को थाने से छोड़ दिया गया था. लेकिन करीब आधे घंटे बाद उसे फिर आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद रौशन को मधुबनी मंडल कारा भेज दिया गया. वह न्यायिक हिरासत में था. 10 अगस्त को जेल के अंदर उसकी मौत हो गई.

मौत को लेकर आमने-सामने दावे

रौशन की मौत को लेकर पुलिस और परिवार के दावे अलग-अलग हैं. जेल प्रशासन और पुलिस का कहना है कि युवक ने जेल के अंदर आत्महत्या की. दूसरी ओर, परिवार इसे हत्या बता रहा है. मृतक की बहन ममता कुमारी ने दावा किया कि मौत से दो दिन पहले तक रौशन बिल्कुल स्वस्थ था. इसके बाद 10 अगस्त की रात अचानक उसकी मौत की सूचना परिवार को दी गई. प्रशांत किशोर ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असली वजह सामने आने में मदद मिलेगी. उन्होंने बताया कि एसएसपी ने मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच कराने की बात कही है.

रौशन यादव की न्यायिक हिरासत में मौत के बाद मधुबनी के डीएम आनंद शर्मा ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. जांच की जिम्मेदारी वरीय उप समाहर्ता बिरजू दास को दी गई है. रौशन 19 साल का था और मधुबनी के अररे थाना क्षेत्र के भदुली कोकाई टोला का रहने वाला था. उसके खिलाफ रहिका थाना में आर्म्स एक्ट के तीन मामले दर्ज होने की बात सामने आई है. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है. इन रिपोर्टों से यह साफ होने की उम्मीद है कि जेल में रौशन की मौत किन परिस्थितियों में हुई. प्रशांत किशोर ने प्रशासन से जांच को निष्पक्ष रखने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है.