Bihar Politics: भाजपा, जदयू, वाईएसआऱ कांग्रेस, टीएमसी के लिए चुनावी रणनीति बना चुके प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया है कि ये चुनाव एनडीए और महागठबंधन के बीच नहीं बल्कि जन सुराज और एनडीए के बीच होगा. कभी जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके प्रशांत किशोर ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में ये सब बातें कही.
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में जन सुराज मिशन पर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा कि इन दो सालों में मैंने यह आकलन किया है कि लोगों का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 100% लोग जो भाजपा, जेडीयू, आरजेडी या किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं, बिहार में बदलाव चाहते हैं. वे जन सुराज को एक अवसर के रूप में देखते हैं कि वे साथ मिलकर एक पार्टी बना सकते हैं, खुद को गिरमिटिया मजदूरों की स्थिति से मुक्त करने के लिए.
#WATCH | Patna, Bihar: On Jan Suraaj Mission, Poll Strategist Prashant Kishore says, "In these two years I have assessed that a large chunk of people, almost 100% of people related to BJP, JDU, RJD or any political establishment want a change in Bihar. They see Jan Suraj as an… pic.twitter.com/6UN6jNIvIx
— ANI (@ANI) August 7, 2024Also Read
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक यात्रा अपने अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि जब वे (नीतीश कुमार) राजनीति से भाग गए थे, तो उनके नेता मदद मांगने मेरे पास आए थे. राजनीति में पीके नाम से मशहूर प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मैंने उनकी (जदयू) मदद नहीं की होती, तो मुझे नहीं पता कि आज नीतीश कुमार और जेडीयू कहां होते?
प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव का मुकाबला जन सुराज और एनडीए के बीच होगा. उन्होंने कहा कि जन सुराज के लिए जेडीयू एक टायर है और पहले से ही पंचर है... इस सदी में, आरजेडी ने अपने दम पर कोई चुनाव नहीं जीता है... मुस्लिम आरजेडी के लिए ईंधन हैं, लेकिन अब वे (मुसलमान) समझ गए हैं कि अगर किसी पार्टी ने उनका सबसे ज्यादा शोषण और विश्वासघात किया है, तो वह आरजेडी है.
2022 में अक्टूबर में शुरू हुई 'जन सुराज यात्रा' के 2 साल पूरे होने के मौके पर प्रशांत किशोर अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान करने वाले हैं. कहा जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में वे खुद भी राजनीतिक मैदान में उतर सकते हैं. यानी बिहार की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.
एक एक्स पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि बिहार के एक करोड़ लोग जुटकर राजनीतिक पार्टी बनाएंगे. उन्होंने दावे में कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. उन्होंने कहा कि मैं अपने इस कदम के जरिए लालू यादव और नीतीश कुमार के 30 साल के कुशासन से मुक्त करने का प्रयास कर रहा हूं.