बिहार चुनाव में बंपर मतदान, 2020 का रिकॉर्ड टूटने से सारे समीकरण धराशायी! NDA-महागठबंधन की धड़कनें बढ़ीं

पहले फेज में 2 डिप्टी सीएम समेत 18 मंत्रियों की साख दांव पर है. 10 हॉट सीटें हैं. जिसमें तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, अनंत सिंह समेत कई बड़े चेहरे हैं.

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Gyanendra Sharma

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले फेज का मतदान खत्म हो गया. सुबह 7 बजे से 8  बजे तक  64.46% वोटिंग
फीसदी वोटिंग हुई है. बेगूसराय में सबसे ज्यादा 67.32% वोटिंग हुई. जबकि शेखपुरा में सबसे कम 52.36% ‌वोटिंग हुई.  वहीं राजधानी पटना में 55.02% मतदान हुआ. 2020  चुनाव में 56.9 फीसदी वोटिंग हुई थी. 

121 सीटों में से 3 सीट पर सबसे कम वोटिंग देखी जा रहीं है.  राजधानी पटना के शहरी क्षेत्र कुम्हरार में 39.52 फीसदी, दीघा में 39.10 फीसदी और बांकीपुर में 40 फीसदी मतदान हुआ.  पहले फेज की वोटिंग खत्म होने के साथ ही 18 जिलों की 121 सीटों पर आज 1314 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हो गई.  इनमें 104 सीटों पर सीधा मुकाबला है, जबकि 17 सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई है.  बिहार की 243 सीटों पर 2 फेज में चुनाव हो रहे हैं.  14 नंवबर को नतीजे आएंगे. 

पहले फेज में 2 डिप्टी सीएम समेत 18 मंत्रियों की साख दांव पर है. 10 हॉट सीटें हैं.  जिसमें तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, अनंत सिंह समेत कई बड़े चेहरे हैं.  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राजद के लालू यादव और तेजस्वी यादव, और लोजपा के चिराग पासवान समेत कई बड़े नेताओं ने वोट डाला है.

 NDA-महागठबंधन की धड़कनें बढ़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मतदाताओं से "लोकतंत्र के महापर्व" में पूरे उत्साह के साथ मतदान करने की अपील की है.  एनडीए की जीत के प्रति आश्वस्त, उन्होंने दावा किया है कि गठबंधन को चुनावों में अभूतपूर्व बहुमत मिलेगा.  विपक्षी महागठबंधन, सत्ता विरोधी लहर और अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव के अभूतपूर्व "हर घर को नौकरी" के वादे पर भरोसा करते हुए, एनडीए से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है.  2020 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी राजद ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में एक आक्रामक अभियान चलाया, जो युवा वोट हासिल करने की उम्मीद कर रहा है. 

नीतीश कुमार के नाम संसय!

बीजेपी ने अपना हमेशा की तरह ज़ोरदार प्रचार अभियान चलाया, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया और उनके कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी.  ऐसी चर्चा थी कि छह बार मुख्यमंत्री रहे 74 वर्षीय नीतीश कुमार को इस बार सीएम नहीं बनाया जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को आखिरी समय में इस मामले पर स्पष्टीकरण देना पड़ा.