Bihar Elections 2025: बिहार में वोटिंग का तरीका अब और भी स्मार्ट और एडवांस होने जा रहा है. चुनाव आयोग EC ने वोटर्स को नया टेक-ड्रिवन वोटर कार्ड देने की तैयारी कर ली है. खास बात यह है कि यह कार्ड सिर्फ प्लास्टिक या पेपर तक सीमित नहीं रहेगा , बल्कि अब डिजिटल फॉर्मेट यानी e-EPIC में भी उपलब्ध होगा. 30 सितंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद इस प्रक्रिया की शुरुआत होगी.
दरअसल , पिछले कुछ महीनों से बिहार में वोटर लिस्ट का स्पेशल रिविजन चल रहा था. इस दौरान वोटर्स से नया फोटो मांगा गया था और अब उसी फोटो का इस्तेमाल कर नया कार्ड तैयार किया जाएगा. इस बदलाव से रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रहेंगे और फर्जी या डुप्लीकेट वोटर कार्ड बनने की संभावना काफी हद तक खत्म हो जाएगी.
नया डिजिटल कार्ड e-EPIC एक सिक्योर PDF फाइल होगी, जिसमें QR कोड दिया जाएगा. इस QR कोड में वोटर का सीरियल नंबर, पार्ट नंबर और बेसिक डिटेल्स स्टोर होंगी. इसे मोबाइल या कंप्यूटर पर आसानी से डाउनलोड किया जा सकेगा. यानी अगर वोटर फिजिकल कार्ड भूल भी जाए, तो मोबाइल में मौजूद डिजिटल कार्ड से भी पहचान हो जाएगी.
ECI की योजना के अनुसार, सबसे पहले नए अप्लिकेंट्स यानी जिन्होंने फॉर्म-6 भरा है और मोबाइल नंबर रजिस्टर कराया है , उन्हें e-EPIC डाउनलोड करने का विकल्प मिलेगा. इसके बाद बाकी वोटर्स को भी धीरे-धीरे यह सुविधा दी जाएगी. फिजिकल कार्ड की डिलीवरी भी पहले से तेज होगी और अब सिर्फ 15 दिन में घर तक कार्ड पहुंच जाएगा. साथ ही वोटर्स SMS और NVSP पोर्टल से कार्ड को रियल टाइम में ट्रैक भी कर सकेंगे.
बिहार में इस बार करीब 7.24 करोड़ वोटर्स होंगे. खास बात यह है कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां एक पोलिंग बूथ पर वोटर्स की संख्या 1500 से घटाकर 1200 कर दी गई है. इससे भीड़ कम होगी और वोटिंग का अनुभव और आसान बनेगा. पोलिंग बूथ्स की संख्या भी बढ़कर लगभग 90,000 कर दी गई है. नए टेक-ड्रिवन वोटर कार्ड से न सिर्फ वोटिंग आसान होगी, बल्कि फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी. Digital India मिशन के तहत यह कदम चुनाव प्रक्रिया को और स्मार्ट बनाएगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि 30 सितंबर के बाद यह नई सुविधा कितनी जल्दी पूरी तरह लागू हो पाती है.