पटना: बिहार चुनाव में एनडीए प्रचंड जीत की ओर अग्रसर है और महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है .नतीजों में एनडीए को इस बार 200 से ज्यादा सीटें मिलती दिख रही हैं. वहीं महागठबंधन को बड़ा नुकसान होता दिख रहा है. इसी बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का प्रदर्शन भी चर्चाओं में है, क्योंकि सीमांचल क्षेत्र की कुल 24 सीटों में से 5 सीटों पर AIMIM आगे चल रही है और जीत के करीब है, वहीं बाकी कुछ सीटों पर भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है.
बता दें कि 2020 के विधानसभा चुनाव में भी ओवैसी की पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था और पांच सीटों पर जीत हासिल की थी. जिन सीटों पर पार्टी को जीत मिली वो सभी सीटें सीमांचल की थीं. महागठबंधन से बात नहीं बनने के बाद AIMIM के तमाम उम्मीदवारों ने सीमांचल में जमकर प्रचार किया था और पूरा जोर लगा दिया था.
वही इस चुनाव में सीमांचल क्षेत्र की जोकिहाट, अमोर, ठाकुरगंज, बहादुरगंज, बैसी और कोचाधामन से AIMIM के उम्मीदवारों ने बढ़त बना रखी है. चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार AIMIM ने दो सीटें जीत ली है, जिनमें जोकीहाट और कोचाधामन शामिल है, जबकि 3 अन्य सीटों पर पार्टी उम्मीदवार ने बढ़त बरकरार रखी है.
आमतौर पर मुस्लिम बहुल क्षेत्र माने जानेवाले सीमांचल में भी इस बार एनडीए ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है. यहां ओवैसी की पार्टी के अलावा एनडीए कम से कम 18 सीटों पर आगे चल रही है. वहीं सीमांचल में महागठबंधन का सूपड़ा साफ होता नजर आ रहा है. सीमांचल में इस बार एनडीए के खाते में पांच से छ: सीटों का इजाफा हो सकता है. सीमांचल के अलावा बाकी रीजन में भी एनडीए को जमकर फायदा मिल रहा है.