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3 हफ्ते में गिर गए 13 पुल, इंजीनियरों के पैर पड़ने से क्या होगा नीतीश बाबू?

Bihar Bridfe Collapse: बिहार में पुल अभी भी गिर रहे हैं. पिछले 3 हफ्तों में 13 पुल गिरने के बावजूद ऐसा लग रहा है कि सरकार इससे जागी नहीं है और अभी तक किसी तरह के प्रयास भी नहीं कर पाई है. 

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बिहार के अलग-अलग जिलों में पुलों का गिरना जारी है. बीते 3 हफ्तों में ही 13 पुल गिर चुके हैं. कुछ नए पुल उद्घाटन से पहले गिए गए, कुछ पानी के तेज बहाव को झेल नहीं पाए तो कुछ पुल ऐसे भी थे जो अपने आप ही गिर गए. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इंजीनियरों से यह कहते दिखे हैं कि कहिए तो आपके पैर पकड़ लूं? जर्जर पुलों का सर्वे कराने की बात भी कही गई लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं दिख रहा है. हर दिन खबरें आ रही हैं कि आज फलां जगह एक और पुल गिर गया. सवाल है कि आखिर कब तक बिहार को यही देखना होगा?

गिरने वाले पुलों, उनके निर्माण के समय और घटिया क्वालिटी के मटीरियल को देखते हुए निर्माण करने वाली कंपनियों और अधिकारियों पर ही सवाल उठने लगे हैं. एक तरफ जहां अंग्रेजों के जमाने के पुल आज भी टिके हुए हैं, वहीं 10, 20 या 30 साल पहले बने पुलों का गिरना हैरान करने वाला है. गिरने वाले ये पुल सहरसा, चंपारण, सारण और मधुबनी की छोटी-छोटी नदियों बने हुए थे. ऐसे में इंजीनियरों से लेकर टेंडर लेने वाली कंपनियों पर सवाल खड़े हुए हैं.

इस बीच विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव लगातार सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि इतने साल शासन इन लोगों ने किया है लेकिन दोष विपक्ष का ही है. नीतीश कुमार के हाथ जोड़ने पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या अधिकारी नीतीश की बात ही नहीं सुन रहे हैं?