T20 World Cup 2026

टी20 विश्व कप में जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास, खिलाड़ियों ने इस अंदाज में मनाया जश्न; आपका दिल जीत लेगा ये वीडियो

जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच ग्रुप स्टेज का मैच 17 फरवरी को श्रीलंका के पल्लेकेले स्टेडियम में खेला जाना था, लेकिन लगातार बारिश के कारण यह मुकाबला रद्द कर दिया गया. मैच रद्द होते ही अंक तालिका के आधार पर जिम्बाब्वे की टीम का सुपर-8 में पहुंचना तय हो गया.

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Anuj

नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है. टीम पहली बार इस टूर्नामेंट के अगले दौर यानी सुपर-8 में पहुंचने में सफल रही है. जिम्बाब्वे ने अब तक कुल सात बार टी20 वर्ल्ड कप में भाग लिया था, लेकिन पहले कभी ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी.

ऐसे में सुपर-8 में पहुंचना टीम और उसके खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. यह दिन जिम्बाब्वे क्रिकेट के इतिहास में खास बन गया है और खिलाड़ियों ने भी इसे यादगार अंदाज में मनाया. 

जिम्बाब्वे का शानदार प्रदर्शन

इस टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे का प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है. टीम के तेज गेंदबाज रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुजरबानी और ब्रैड इवांस ने मिलकर शानदार गेंदबाजी की है. कोलंबो में खेले गए पहले मैच में इन तीनों गेंदबाजों ने तीन-तीन विकेट लेकर ओमान की टीम को सिर्फ 103 रन पर समेट दिया था.

इसके बाद बल्लेबाजी में ब्रायन बेनेट ने 48 रन की अहम पारी खेली और जिम्बाब्वे ने लक्ष्य को आसानी से हासिल करते हुए आठ विकेट से जीत दर्ज की. टीम ने केवल 13.3 ओवर में लक्ष्य पूरा कर लिया था, जिससे उसके आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी हुई.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौंकाने वाली जीत

जिम्बाब्वे की सबसे बड़ी जीत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई, जिसने सबको चौंका दिया. उस मैच में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए दो विकेट पर 169 रन बनाए. जवाब में मजबूत मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम 146 रन पर ही सिमट गई. इस मुकाबले में भी ब्रायन बेनेट ने नाबाद 64 रन की शानदार पारी खेली. गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजरबानी और ब्रैड इवांस ने क्रमशः चार और तीन विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई.

अब मुकाबला प्रतिष्ठा का होगा

अब जिम्बाब्वे अपना आखिरी ग्रुप मैच 19 फरवरी को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेलेगा. श्रीलंका भी इस ग्रुप से सुपर-8 में पहुंच चुका है, इसलिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा का होगा. जिम्बाब्वे की टीम ने अनुशासित खेल, बेहतरीन गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी के दम पर इस विश्व कप में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और पहली बार सुपर-8 में पहुंचकर इतिहास रच दिया है.